ब्रह्म की प्राप्ति ही भ्रम की समाप्ति है रीता यादव
खुटहन ( जौनपुर) १३ मार्च इमामपुर गांव में सोमवार को आयोजित वार्षिक निरंकारी संत समागम में आजमगढ़ से पधारी ज्ञान प्रचारक डाक्टर रीता ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक हमारे मन व अंतःकरण में भ्रम है,तब तक हम ब्रह्म की प्राप्ति नहीं कर सकते। साधु संगत व सत्संग से ज्यों ज्यों हमारा भ्रम दूर होता जाता है, त्यों त्यों हम उस सर्वशक्तिमान ब्रह्म के करीब आने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि जब हमें उस परम शक्ति का ज्ञान प्राप्त हो जाता है तो मेरा-तेरा,अपना – पराया जैसे विभेद स्वतः ही समाप्त हो जाता है। फिर संसार के सभी जीवधारियों में ईश्वर का स्वरूप दिखाई देने लगता है। उन्होंने कहा कि चौरासी लाख योनियों में मानव ही सर्वश्रेष्ठ रचना है। करोड़ो वर्षो तक भिन्न भिन्न योनियों का कष्ट भोगने के बाद आखिर में यह शरीर मिला है।
यदि इस बार भी इहलोक से मुक्ति का जतन नहीं कर सके तो पुनः उन्हीं योनियों में भटकना पड़ेगा। संत समागम के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस मौके पर कृष्णा श्रीवास्तव, डाक्टर आरपी सिंह,शंकर दयाल मुखी, सुभाष चन्द्र, विनोद यादव, सतगुरु सोनी, विशाल, मुलायम सोनी, अमित सोनी आदि मौजूद रहे। आयोजक शिवशंकर सोनी और संतलाल सोनी प्रधान ने आगतो का स्वागत व आभार प्रकट किया।













