बारिश ने खेतासराय कस्बे की साफ-सफाई की खोली पोल
नगर के दो दर्जन दुकानों में घुसा नालियों का गंदा पानी
डीएम की चेतावनी के बाद भी नगर पंचायत प्रशासन नही दिखाई गम्भीरता |
संकल्प सवेरा,खेतासराय। डीएम मनीष कुमार वर्मा की फटकार के बाद नगर पंचायत खेतासराय के अधिशासीय अधिकारी अगर कस्बे की जाम नालियों की तलहटी तक सफाई और कूड़े का उठान अगर दो दिन पहले ही करा दिए होते तो आज खेतासराय कस्बे वासियों को दुश्वारियां नहीं झेलनी पड़ती।
क्योंकि बीती रात हुई बारिश से जिस प्रकार
कस्बे के 2 दर्जन से अधिक घरों, दुकानों और व्यवसायिक कांप्लेक्स में नालियों का गन्दा पानी घुस गया। इससे लोगों का भारी नुकसान हुआ और कोरोना कोविड महामारी के इस दौर में संक्रामक बीमारियां भी फैलने की आशंका प्रबल हो गई है।
कस्बे के मुख्य चौराहे पर स्थित मिष्ठान विक्रेता त्रिभुवन यादव, मोहम्मद मोबाइल सेंटर, मोहम्मद सईद कुरैशी, इंटरनेट संचालक अशफाक अहमद समेत दो दर्जन से अधिक दुकानों में नालियों का बज बजाता गंदा पानी घुस गया। मुख्य मार्ग पर स्थित मकबूल कटरा, खान कटरा और जोगियाना मोहल्ले में सड़क के दोनों तरफ निचले हिस्से में स्थितमकानों, दुकानों में ऐसी ही स्थिति देखी गई। कस्बा के पुरानी बाजार मार्ग पर स्थिति और भी खराब हो गई। नालियों का गंदा पानी खुलेआम सड़क पर बह रहा था। उसी के बीच आम नागरिक पैर रखकर आने जाने के लिए मजबूर थे।
ऐसी ही घोर बंद इंतजामी
वार्ड नंबर एक सरवरपुर, भारती विद्यापीठ वार्ड, कोहरऊटी, जोगियाना मोहल्ला, गोला बाजार वार्ड में देखी गई। पुराना थाना के सामने नाली एवं इंटरलॉकिंग के नहीं होने से हालात बद से बदतर हो गए हैं।
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ईओ अमित कुमार को डीएम ने क्या दी थी हिदायत
खेतासराय। बीते 14 मई को डीएम मनीष कुमार वर्मा अपने पूरे प्रशासनिक अमले के साथ खेतासराय कस्बे में जब धमक पड़े थे, उस दौरान उन्होंने अधिशासी अधिकारी अमित कुमार को कड़ी फटकार लगाते हुए सख्त हिदायत दिया था कि दो दिन में खेतासराय कस्बे की सभी नालियों की तलहटी तक सफाई करा कर मुझे सूचना दें । इसकी मॉनिटरिंग के लिए एसडीएम शाहगंज राकेश वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
डीएम के जाते ही न तो कस्बे में साफ सफाई की गई, और न ही जाम नालियों से मलवे को निकाला गया ।
फिर क्या, आखिरकार बारिश होते ही नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा और लोगों के घरों में घुस गया।












