पुलिस ने बंद कराया, बिना कैनोपी के चल रहा शोर करने वाला जेनरेटर
वाराणसी, संकल्प सवेरा। वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाना अंतर्गत, बेनीपुर के पास ओम नगर कालोनी, फेज 1 की लेन नंबर 5 में रहने वाले एक परिवार द्वारा कल सोमवार को ‘सत्या फाउंडेशन’ के हेल्पलाइन नंबर 9212735622 पर काल करके सूचना दी गई कि पूर्व में कई बार समझाने के बाद भी, पड़ोसी द्वारा साउंड-प्रूफिंग वाली कैनोपी के बिना ही जेनरेटर चलाया जा रहा है।
इसके शोर से जीना बेहाल है। इसके बाद ‘सत्या फाउंडेशन’ के चेतन उपाध्याय से प्राप्त सूचना के आधार पर शिकायतकर्ता ने वाराणसी पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 9454401645 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। साथ ही लालपुर-पांडेयपुर थानाध्यक्ष श्री परमहंस गुप्ता के सीयूजी नंबर 9454404391 पर फोन करके और फिर वाट्सअप द्वारा लिखित शिकायत भेजी गयी कि:-
“महोदय, बेनीपुर-ओम नगर कालोनी के फेज 1 की लेन नंबर 5 में बिना Sound Proofing कैनोपी वाला जेनरेटर चलाया जा रहा है. कानून के मुताबिक, दिन हो या रात, ऐसे शोर करने वाले जेनरेटर के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण एक्ट-1986 के तहत, 1 लाख रूपये तक जुर्माना या 5 साल तक की जेल या एक साथ दोनों सजा हो सकती है. कृपया उक्त जेनरेटर को सीज करके उचित धाराओं में मुकदमा करें.”
इसके तुरंत बाद थानाध्यक्ष श्री परमहंस गुप्ता के निर्देश पर पहुँची पुलिस ने उक्त शोर करने वाले, गैर कानूनी-बिना कैनोपी वाले जेनरेटर को बलपूर्वक बंद करा दिया और साथ ही चेतावनी दी कि अगर दोबारा शिकायत मिली तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अब समझें जेनरेटर के अलावा अन्य शोर संबंधी अन्य नियम:
कुछ लोग भ्रम फैलाते हैं कि रात 10 बजे के बाद धीमी आवाज में लाउडस्पीकर बजाया जा सकता है जबकि यह सरासर झूठ है। शादी-विवाह हो या धार्मिक कार्यक्रम, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पटाखा, डीजे, बैंड, मशीन, हार्न, लाउडस्पीकर आदि को पूरी तरह से,100% स्विच ऑफ करने का नियम है और दिन के दौरान आवाज को धीमा रखने का कानूनी प्रावधान है। दिन के दौरान, सीमित घंटे के लिए लाउडस्पीकर बजाने के लिए भी मजिस्ट्रेट और स्थानीय थाने से अग्रिम में लिखित अनुमति (Permission Letter) लेनी पड़ती है। बिना लिखित अनुमति के या फिर अनुमति के बाद भी डेसीबल सीमा या समय सीमा का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 के तहत मुकदमा किया जा सकता है। ध्वनि प्रदूषण (विनियमन व नियंत्रण) नियम- 2000 के अनुसार, शोर को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को असीमित शक्तियां दी गयी हैं। दिन हो या रात, स्कूल-अस्पताल-कचहरी-पूजा स्थलों या अन्य नोटिफाइड स्थलों के 100 मीटर के दायरे में कोई भी शोर, यहाँ तक कि स्कूटर/बाइक का हार्न बजाना भी जुर्म है। किसी भी शहर या गाँव में कोई ऐसा स्थान नहीं है जहाँ पर स्कूल-अस्पताल-कचहरी-पूजा स्थल आदि न हों, लिहाजा दिन हो या रात, सड़क पर बैंड-बाजा, पटाखा, डी.जे. या लाउडस्पीकर बजाना बिल्कुल गलत है। दोषियों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम -1986 के तहत मुकदमा होने पर 1 लाख रुपये तक जुर्माना या 5 वर्ष तक की जेल या एक साथ दोनों सजा हो सकती है।
योगी सरकार में गुप्त शिकायत करना हुआ बेहद आसान:
बिना कैनोपी वाले जेनरेटर के शोर या किसी भी अन्य प्रकार के शोर की शिकायत करने पर, नाम लीक होने पर, कई बार मारपीट और ह्त्या तक हो जाती थी मगर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक वाट्सअप नंबर जारी किया है जिसका नंबर है 7570000100 जहाँ पर शोर या किसी भी अपराध की आपको लिखित शिकायत करनी होती है जिसमें अंत में लिखना होता है कि “मेरा नाम और नंबर गुप्त रखा जाये. Please keep my name and number SECRET” और आपकी पहचान वास्तव में गुप्त रखी जाती है। इस वाट्सअप नंबर 7570000100 पर शिकायत करने पर दिन के दौरान साउंड को कम करवाती है उत्तर प्रदेश पुलिस और रात 10 से सुबह 6 बजे के बीच साउंड बॉक्स को पूरी तरह से, 100% स्विच आफ करवाती है पुलिस।
(चेतन उपाध्याय)
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