।।”जनता की पसंद”।।
।।”योगी आदित्यनाथ या अखिलेश यादव”।।

पंडित विभु गौड़:-
सभी पाठकों को “साधुवाद”।
“अति व्यस्तता” के कारण काफी दिनों से “फेसबुक के पाठको” से “संवाद”नहीं हो पा रहा था।इस समय “उत्तर प्रदेश” मैं “चुनावी चर्चा” काफी जोर पकड़ रही है। तो मैंने अपने “प्रिय पाठको” से “संवाद” करना उचित समझा।। वैसे तो हम अनेक राज्यों में “राजनीतिक व्यक्तियों” के विषय में “राजनीतिक भविष्यवाणी” करते रहते हैं।
परंतु काफी “कठिन परिस्थितियां” तब बन जाती है जब आप उस “राज्य” के विषय में “भविष्यवाणी” करते हैं। जिसके आप स्वयं निवासी हो तो दबाव मैं आना स्वाभाविक हो जाता है।जब “पाठक-गण”आपकी “राजनीतिक भविष्यवाणी” का बेसब्री से इंतजार करते हैं।।
जब “राजनीतिक भविष्यवाणी” “सम्मानित व प्रतिष्ठित व्यक्तियों” के लिए होती है।
इन्हीं सब बातों को “दृष्टिगोचर” करते हुए आज हम “उत्तर प्रदेश” के अगले “मुख्यमंत्री” कौन होंगे। इस पर चर्चा करेंगे।
वैसे तो “9 नवंबर” के “लाइव इंटरव्यू”में हम “भविष्यवाणी” कर चुके हैं। कि “उत्तर प्रदेश” के अगले “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ” नहीं बनेंगे।”उत्तर प्रदेश” के अगले “मुख्यमंत्री अखिलेश यादव” होंगे।
लेकिन कई पाठको ने अनुरोध किया था। कि आप पूर्व की भांति “फेसबुक”के माध्यम से “अखिलेश यादव जी” के विषय में अपना लेख लिखे।
(1):-“ज्योतिष” के माध्यम से “योगी आदित्यनाथ जी” की “कुंडली” मजबूत चल रही है। परंतु उसमें “शत्रु वृद्धि” काफी हो रही है। जिससे ‘वर्तमान मुख्यमंत्री जी” को काफी “आलोचनाओं”का सामना करना पड़ेगा। और उनका दोबारा “मुख्यमंत्री”बनना “ज्योतिष” के माध्यम से कठिन नजर आता है।
(2):- “अखिलेश यादव जी” की “कुंडली” इस समय काफी मजबूत चल रही है। और जितना “महादेव” ने मुझे “ज्ञान” दिया है। उसके अनुसार “अखिलेश यादव जी” पर कोई “दैवीय कृपा”होती नजर आ रही हैं। जिससे उनके “राजनीतिक भाग्य” में बढ़ोतरी होगी और “26 नवंबर” या “26 दिसंबर”के उपरांत “राजनीतिक घटनाक्रम”बड़ी तेजी से “अखिलेश यादव जी” के पक्ष में घूमता हुआ नजर आ रहा है। जिससे वह काफी “सशक्त” हो जाएंगे।
थोड़ा “सरकारी मामलों” के द्वारा “थोड़ा दबाव”महसूस कर सकते। हैं अन्यथा उनकी “ताकत” लगातार बढ़ेगी। और वह “उत्तर प्रदेश के 2022 विधानसभा चुनाव में वन मैन शो” के द्वारा बड़े “ताकतवर” होकर निकलेंगे और “2022 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री” बनेंगे।
मैं जानता हूं जिस प्रकार “व्यक्तियों” की “हाथ की उंगलियां” बराबर नहीं होती। उसी प्रकार “व्यक्तियों” की सोच का दायरा भी अलग-अलग होता है।
और हो सकता है मुझे इस “भविष्यवाणी” के लिए “आलोचनाओं” का सामना करना पड़े। लेकिन मैं उसके लिए तैयार हूं। जब आप “सफलता की सीढ़ियां” चढ़ते हैं तो “सीढ़ियों” से गिरने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
लेकिन मैं हर समय “सीखने” के लिए तैयार रहता हूं। यदि मैं गिरा तो भी मैं सीखूँगा। परंतु “महादेव” के “आशीर्वाद” से मेरे को लगता है मेरा यह “कथन सत्य” है।
((आगे महादेव की इच्छा))
यह भविष्यवाणी पंडित विभु गौड़ द्वारा की गई है।












