विश्व हृदय दिवस पर जागरूकता रैली निकालकर लोगों को किया गया जागरूक
चीनी, वनस्पति घी नमक से परहेज करे धुम्रपान, मदिरापान निषेध करे: डा. एच.डी. सिंह
जौनपुर,संकल्प सवेरा। विश्व दिवस के मौके पर कृष्णा हार्ट केअर एवम् फटीलीटी सेन्टर पर डा० एच०डी० सिंह कार्डियोलाजिस्ट कृष्णा हार्ट केयर के नेतृत्व में एक विशाल हृदय रोग जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। विगत 15 सालो से यह रैली जन जागरण करती है जागरूकता रैली में बैडमिटन खिलाड़ी चिकित्सक स्वाथ्यकर्मी जनमानस एवम् मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव ने भाग लिया
। बैनर पोस्टर एवम हृदयनुमा गुब्बारा के साथ सभी ने रैली को उत्कृष्ट बनाने का प्रयास किया रैली जेसीज चौराहे से ओलन्दगंज, वहाँ से चहारस एवम सदभावना एवम् नये पुल के पास से होते हुये कृष्णा हार्ट केयर में आकर एक संगोष्ठी में परिवर्तित हो गई। दिल के दुश्मन चार उच्च रक्त चाप, मोटापा मधुमेह, धूम्रपान, सौ बीमारियों का एक इलाज व्यायाम चीनी वनस्पति घी एवम नमक दिल दुखाते है संगीत एवम यौगिक क्रियाए कम करें दिल का रोग जैसी तमाम तख्तियाँ एक सन्देश दे रही थी। बुकलेट एवम पर्चे जिन पर हृदयरोगो से बचने के उपाय एवम् सुन्दर जीवन शैली एवम समुचित खान पान के बारे में परामर्श दे रही थी।
जागरूकता रैली में डा० मधुशारदा डा० रॉबिन सिंह, कृष्णा हार्ट केयर की डाइरेक्टर श्रीमती सुमन सिंह डा० आर०के० सिंह, डा० ए०के० सिंह ,
डॉ काशीफ,
यूपी एम आर.एस के देवेश गुप्ता बलवन्त सिंह, श्री सी चौरसिया, आसू सिंह, संजय यादव, चन्दन पटवा ,रूबी रविन्द्र सिंह इत्यादि उपस्थित रहें। प्रकृति पर निर्भर रहने वाले तमाम जन्तुओ जीवों में हृदयघात नहीं होता, कुत्ता, घोडा, सुअर,
हाथी कच्छुआ इन जीवो का प्रकृति प्रदत्त वस्तुओं का उपयोग ही इन्हें हृदय रोगो से बचाता है।
मनुष्य पूरी दुनिया में आज प्रकृति से खेल रहा है कृत्रिम भोज्य पदार्थ पिज्जा, बर्गर, आइसक्रीम
वनस्पति घी चीनी, प्रि फूड, नकली मावा, दूध एवम मिठाइयो एवम मांसाहार
प्रेय पदार्थ कोल्ड ड्रिक्स बीयर दास एवम नकली शर्बत
नशा दोहरा, तम्बाकू, सिगरेट, बीडी, ड्रम्स कृतिम संसंसाधन मोटर साइकिल, बस, रेल एवम वायुयान के प्रयोग से पैरो के उपयोग कम हो गया।
उपर बतायी तमाम बाते में कृत्रिमता है प्रकृतिक नही फलस्वरूप हृदय रोग भी बेतहासा गति से बढ रहे है एवम् पूरा विश्व इस की मारकता से परेशान है । पूरी दुनिया में 12 करोड़ लोग हर साल हृदय रोगो से गर जाते है और संख्या प्रतिवर्ष बढ़ रही है
हिन्दुस्तान 2025 तक विश्व में हृदय रोग की राजधानी हो जायेगा अगर जनचेतना एवम बचाव नही हुआ तो अगली शदी हृदय रोगियों की होगी पूरा विश्व इस दिवस को जागरूकता के दिन की तरह मना रहा है। अमेरिका यूरोप में हृदय रोगों में 50-60 प्रतिशत की कमी आयी है जो कि 1970-80 में
सर्वाधिक थी इन देशो ने जन जागरण से इस बीमारी की गर्दन पकड़ ली है।
यही जागरूकता एवम जीवन शैली एवम चिकित्साकीय प्रयास हिन्दस्तान में भी कान्ति लायेगा हम
भी हृदयघात से खौफजदा नही होगे दिल के डाक्टरो से करे तौबा
• जीवन शैली में परिवर्तन करे
व्यायाम की आदत डाले
• चीनी, वनस्पति घी नमक से परहेज करे धुम्रपान, मदिरापान निषेध करे
शाकाहार पथ्य अपनाये
• ब्लडप्रेसर मधुमेह का उचित नियंत्रण करे
जंकफूड कृतिम पेय कृतिम तेल का प्रयोग न करे
तनाव निवारण विधियों एवम प्राणायाम करे
यदि आप डाक्टरो के शिकंजे से बचना चहाते है महंगी दवा, बाइपास, स्टेन्टू एन्जियो प्लास्टी की • किचकिच एवम डाकटरो का इक्सपेरिमेन्ट का भाग नहीं बनना चाहते दवाइयों एवम जाँचो का बड़ा बिल नहीं अदा करना चाहते तथा बडी बडी हेल्थ पॉलसी नही करवाना चाहते तो उपर बताई तमाम आदतो को अपनो में समाहित करे एवम दिल के तथा कथित डाक्टरों से बचे।












