सभी कार्य हिंदी में निष्पादित करना हमारा संवैधानिक एवं कानूनी दायित्व- मुख्य राजभाषा अधिकारी
संकल्प सवेरा प्रयागराज: उत्तर मध्य रेलवे में 14 सितंबर हिंदी दिवस से मनाए जा रहे राजभाषा पखवाड़ा के उपलक्ष्य में 24 सितंबर को महाप्रबंधक कार्यालय के अरावली सभाकक्ष में हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधान वित्त सलाहकार एवं मुख्य राजभाषा अधिकारी अजय माथुर ने उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार की राजभाषा नीति के अनुसार कार्यालयों में अपना सभी कार्य हिंदी में निष्पादित करना हमारा संवैधानिक एवं कानूनी दायित्व है। अत: हिंदी में कामकाज एवं उसके लक्ष्यों को पूरा करने के लिए हमें सदैव सचेष्ट रहना है।
श्री माथुर ने उपस्थित कर्मचारियों को राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3), विभिन्न प्रकार के पत्राचार, नोटिंग आदि में नियमों के अनुसार हिंदी/द्विभाषी के प्रयोग के निर्देश दिए। उन्होंने कंप्यूटर पर हिंदी में कामकाज, हिंदी टाइपिंग एवं टूल्स की समुचित जानकारी, मानक युनिकोड फांट तथा युनिकोड सिस्टम पर उपलब्ध विभिन्न कुंजी पटल जैसे उपयोगी टूल्स के प्रयोग पर विशेष जोर दिया।
माथुर ने कहा कि हमें अपने कार्यों में सहज, सरल एवं प्रचलित शब्दों को अपनाना चाहिए ताकि रेल कर्मियों सहित यात्री, ग्राहक और आमजन भी रेलवे की नीतियों और कार्यक्रमों के बारे में जानकारी प्राप्त कर उससे लाभान्वित हो सकें।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उप मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं उप विसमुलेधि/वित्त एवं बजट शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे का कार्य तकनीकी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, इसलिए रेल संचालन और प्रबंधन में प्रयुक्त अंग्रेजी तकनीकी शब्दों का यथासंभव नागरी लिपि में या रोमन लिपि में प्रयोग करना चाहिए।
कार्यशाला में विभिन्न पाठों के अंतर्गत राजभाषा नीति, पत्राचार में राजभाषा के प्रयोग, राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) आदि के विषय में विस्तृत जानकारियां दी गईं। वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी चंद्रभूषण पाण्डेय द्वारा पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रतिभागी कर्मचारियों को हिंदी शब्दावली, वर्तनी इत्यादि के बारे विस्तृत जानकारी दी गई और उनका अभ्यास भी कराया गया। राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रचलित पत्र प्रारूपों के बारे में बताया गया।
वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी/निर्माण कृपाशंकर मिश्र ने राजभाषा के प्रयोग-प्रसार से संबंधित आवश्यक संवैधानिक-विधिक प्रावधानों और नियमों के बारे में कर्मचारियों का व्यावहारिक मार्गदर्शन किया। वरिष्ठ अनुवादक नन्हे लाल यादव द्वारा कंप्यूटर पर युनिकोड इंस्टालेशन और उससे संबंधित फांट के प्रयोग की जानकारी दी गई और उनका अभ्यास कराया गया। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपना अधिक से अधिक कार्य हिंदी में ही करने का संकल्प लिया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित थे।
इसके पूर्व अरावली सभाकक्ष में ही कर्मचारियों की राजभाषा प्रश्न मंच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में राजभाषा नीति के अतिरिक्त संस्कृति, भाषा, विज्ञान, तकनीक, इतिहास, साहित्य, संगीत, खेल, समसामयिक विषय और रेलवे से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे गए। कार्य्रक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रधान वित्त सलाहकार अजय माथुर ने कहा कि राजभाषा प्रश्नमंच मनोविनोद पूर्ण माहौल में कर्मचारियों के लिए अपने सामान्य ज्ञान को फिर से तरोताजा करने की प्रतियोगिता है।
इससे राजभाषा हिंदी, भारतीय रेल तथा विविध क्षेत्रों से जुड़ी उन जानकारियों के संबंध में सामान्य जागरूकता की परख होती है, जिनकी एक रेलकर्मी एवं नागरिक के तौर पर हमें जानकारी होनी चाहिए।कार्यक्रम में निर्णायक के रूप में उप मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं उप मुख्य वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी/वित्त एवं बजट शैलेन्द्र कुमार सिंह उपस्थित थे। मुख्यालय के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक प्रतियोगिता में भाग लिया तथा प्रश्नों का उत्तर देकर नकद पुरस्कार प्राप्त किया। प्रतिभागी कर्मचारियों को मुख्य राजभाषा अधिकारी अजय माथुर द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्य्रक्रम का संचालन वरिष्ठ राजभषा अधिकारी चन्द्र भूषण पाण्डेय द्वारा किया गया।












