संकल्प सवेरा,जौनपुर जनपद में गायत्री शक्तिपीठ के तत्वावधान में लगभग 3000 से ज्यादा घरों में कोविड-19 का पालन करते हुए संपन्न हुआ। इसमें सबसे ज्यादा योगदान!वरिष्ठ परिजनों के अलावा,युवा प्रकोष्ठ के भूपेंद्र पाठक ,शुभम श्रीवास्तव,अमरेश यादव, शिव नारायण मिश्रा जैसे तमाम युवा गायत्री परिजनों का विशेष योगदान रहा। जिन्होंने डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यमों से लोगों को लगातार इस आयोजन के लिए प्रेरित किया।
अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आज बुद्ध पूर्णिमा
भारत एवं विश्व के करोड़ों घरों में वातावरण की शुद्धि एवं कोरोनावायरस से मुक्त के लिए सामूहिक यज्ञ का आयोजन किया गया। सिर्फ उत्तर प्रदेश में 2लाख से ज्यादा गायत्री परिजनों ने कोरोना महामारी की समाप्त हेतु एवंविश्व कल्याण के लिए भावभीनी आहुतियां समर्पित की। परिजनों ने कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए अपने अपने घरों में अपने परिवारों के साथ सामूहिक गायत्री यज्ञ आयोजित किया। इस अवसर पर नियमित इस्तेमाल होने वाली हवन सामग्री के अलावा विभिन्न प्रकार की जड़ी बूटियां, और वनौषधियों को सम्मिलित करके आहुतियां समर्पित की गई। आहुतियां गायत्री महामंत्र ,रूद्र गायत्री। सूर्य गायत्री। एवं महामृत्युंजय के मंत्रों द्वारा समर्पित की गई। सुबह 8:00 से 11:00 तक चलने वाले विश्व शांति के इस आयोजन का संचालन शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा जूम एप पर भी किया गया। जिसके द्वारा लाखों परिजनों ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ चिन्मय पंड्या के उद्बोधन को सुनने के उपरांत वहां से संचालित यज्ञ क्रम के अनुसार विभिन्न मंत्रों से आहुतियां समर्पित की गई।
वैज्ञानिक अध्यात्म वाद के लिए समर्पित गायत्री परिवार पिछले 5 दशकों से ऐसे विभिन्न प्रयोग करता रहा हैगायत्री परिवार के संस्थापक परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने पूर्व में भी तमाम विपत्तियों और विभीषिकाओं मे ऐसे विश्व शांति के प्रयोग किए।आज पूरा विश्व गायत्री मंत्र की शक्ति और इसके पड़ने वाले प्रभाव पर नासा से लेकर विभिन्न माध्यमों से आज रिसर्च किया जा रहा है। वैज्ञानिक रूप से संपन्न किए गए प्रभावशाली मंत्रों द्वारा दी गई आहुतियों से वातावरण परिष्कार एवं मानसिक परिवर्तन दोनों में ही समर्थ पाई गई हैं। ऐसा विभिन्न शोधों द्वारा प्रमाणित हो चुका है। इस संबंध में जानकारी देते हुए गायत्री शक्तिपीठ के मीडिया प्रभारी डॉ शैलेश कुमार सिंह ने बताया कि विश्व भर में फैले गायत्री शक्तिपीठ सिर्फ पूजा पाठ तक केंद्रित नहीं












