हे प्रभु तुम ही कुछ करो
कैसा यह काल चला है।
चारों तरफ हाहाकार मचा है।
जिधर देखो मौत ही मौत का शोर मचा है।
चारो तरफ करोना का ही खौफ खड़ा है।
कोई बेबस तो कोई लाचार पड़ा है।
पूरा संसार ही जैसे बीमार पड़ा है।
जीवन सबका थम सा गया है।
पूरा विश्व एकदम डर सा गया है।
हे प्रभु पृथ्वी पर अवतार धरो।
जन्म लेकर संसार का कष्ट हरो।
कोरोना रूपी पापी का नाश करो।
पृथ्वी पर जीवन सबका उद्धार करो।
हे विघ्नहर्ता अब तुम ही कुछ करो।
छत्र छाया से अपने अब ये विध्न हरो।
हे जगत पिता अब अंधियारे को दूर करो।
आशिर्वाद रूपी उजाले से पूरा विश्व प्रकाशमान करो।
सर्वाधिक सुरक्षित व मौलिक रचना:
रचनाकार : स्टूडेंट टीचर सपना मिश्रा
मुंबई












