अब किसी भी न्यायालय व कार्यालय में नहीं कार्य करने पायेंगे बाहरी व्यक्ति
जौनपुर,संकल्प सवेरा। अब किसी भी न्यायालय व कार्यालय में बाहरी व्यक्ति कार्य नहीं कर पायेंगे। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने जिले व तहसील के सक्षम अधिकारियों को 5 सितम्बर को पत्र जारी किया है। कर्मचारियों की भर्ती न हो पाने व कर्मचारियों की कमी के कारण सभी कार्यालय व न्यायालय में अभी तक बाहरी व्यक्ति, सहयोगी कार्यरत थे। मालूम हो कि आयुक्त एवं सचि . राजस्व परिषद उ.प्र. द्वारा सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया कि ऐसा संज्ञान में आया है
कि कलेक्ट्रेट व तहसील कार्यालय में सरकारी कर्मचारियों द्वारा बाहरी व्यक्तियों (निजी कार्मिक/प्राइवेट व्यक्तियों) के सहयोग से शासकीय/विभागीय कार्य कराया जा रहा है। ऐसे व्यक्तियों द्वारा भ्रष्टाचार/ अनियमिततायें किये जाने की शिकायतें भी शासन को निरंतर प्राप्त हों रही हैं। यह स्थिति अत्यंत आपत्ति जनक है। इसी आदेश के अनुपालन के क्रम में जिलाधिकारी ने 5 सितम्बर को सभी तहसीलों को पत्र जारी कर उक्त आदेश का कड़ाई से
अनुपालन का निर्देश जारी किया है। आदेश का अनुपालन न किये जाने पर कठोर कार्यवाही किये जाने की बात क लेकिन व्यवहारिक दिक्कत यह है कि काफी दिनों से लिपिक संवर्ग व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्ति हुई ही नहीं ऐसी स्थिति में सम्बंधित अधिकारियों को प्राइवेट भरोसेमंद कर्मचारियों का सहारा लेना पड़ा। यदि उक्त आदेश का अनुपालन सभी तहसीलों में किया जाता है तो न्यायालयों, कार्यालयों का कार्य ठप्प हो जायेगा। क्योंकि
अधिकांश न्यायालयों में 70 फीसदी कार्य प्राइवेट कर्मचारी ही कर रहे हैं। कहीं कहीं तो शत प्रतिशत | मछलीशहर तहसील में दो तहसीलदार (प्रशासनिक व न्यायिक) और तीन नायब तहसीलदार न्यायालय है। मात्र तहसीलदार प्रशासन के न्यायालय में एक पेशकार की तैनाती है। जबकि एक न्यायालय के चार से छ कर्मचारी जिसमें कम से कम एक पेशकार, एक अलहमद यानी फाइलों का रखरखाव करने वाला, एक कम्यूटर चालक,एक चेन मैन यानी पुकार आदि करने वाला होना चाहिये।
जबकि सभी पद रिक्त हैं । यही स्थिति सभी कार्यालयों की है। जनपद के रिकार्ड रूम जहां सभी तहसीलों की निर्णीत मुकदमों की पत्रावलियां दाखिल दफ्तर की जाती हैं। प्राईवेट कर्मचारी नवल न हो तो किसी तहसील की प मिल ही नहीं सकती। जबकि उपजिलाधिकारी राजेश कुमार चौरसिया ने उक्त आदेश का तहसील में अनुपालन करा दिया है।













