जौनपुर।स्थानीय विकास खण्ड के बसिरहां गांव मे पं0 गिरीश चंद्र तिवारी के आवास पर सात दिवसीय भागवत कथा के तत्वावधान के क्रम मे दूसरे दिन कथा ब्यास प्रयाग से पधारे शंकराचार्य आश्रम से पं0 नरेन्द्र कृष्ण त्रिपाठी ने कहा कि कथा हमारे जीवन की ब्यथा दूर करती है। .सती ने राम कथा नही सुना तो उन्हे योगाग्नि मे जलना पडा ।जबकि सीता माता विरहाग्नि मे जलना चाहती थी ,लेकिन हनुमान जी से कथा सुनी तो सारा दुख दूर हो गया ।
उन्होने कहा कि जो अपने को अमर बनाने के चाह मे अमृत पिया वो देव कहलाया किन्तु जो कल्याण के निमित्त विषपान किया वो ही महादेव कहलाया ।उन्होने कहा कि परमात्मा की कृपा के बिना कोई भी कार्य सम्भव नही है ।बहुत ही सारगर्भित और सहज शब्दो मे राम लीलाओ का वर्णन किया।यजमान पं 0 गिरीश चंद्र तिवारी पत्नी श्रीमती ब्रह्ममाया ने आरती किया।इसके पूर्व पं0 राजेश त्रिपाठी ने मानस पूजन ,माल्यार्पण और द्वीप प्रज्जवलन करके कार्यक्रम की शुरूआत हुआ।इस मौके पर बंजरगी तिवारी आशुतोष दूबे ,रामचेत विन्द हनुमान यादव प्रधान राजेन्द्र यादव फूलचंद्र तिवारी सुबाष संतराम चौरसिया आदि रहे ।वही आऐ हुऐ सभी श्रोताओ का आभार पत्रकार प्रणय कुमार तिवारी ने किया।












