धन और बाहुबल के मुकाबले “आत्मबल” के साथ नीलम सिंह
संकल्प सवेरा जौनपुर। जिले का प्रथम नागरिक बनने के लिए प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस चुनाव में धन और बाहुबल के साथ आत्मबल की लड़ाई अपने दिलचस्प मोड़ पर आ चुकी है। बाहुबलि पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी, पूर्व सांसद हरिबंश सिंह की पुत्रवधू पूर्व ब्लाक प्रमुख खुटहन नीलम सिंह और निशी यादव के बीच लड़ाई अपने रोमांचक दौर से गुजर रही है। एक तरफ सत्ताबल दूसरी तरफ बाहुबल है तो वहीं आत्मबल के साथ मैदान में नीलम सिंह भी डटीं हुई हैं।

राजनैतिक परिवार से ताअल्लुक रखने की वजह से निर्दल प्रत्याशी नीलम सिंह भी राजनीति की बारीकियों को बखूबी समझते हुए जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले में लाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही हैं। बताते चलें कि कुंवर हरिबंश सिंह प्रतापगढ़ से सांसद रह चुके हैं। सांसद रहते हुए विकास कार्यों के मामलों में वे देश के 11वें नंबर के सांसद रहे। उन्होंने प्रतापगढ़ में 25 साल से पेडिंग पड़े चिलबिला ब्रिज का निर्माण कराकर वहां की जनता को काफी राहत पहुंचाई। जनपद जौनपुर भी कभी शिक्षा के मामले में देश का केन्द्र बिन्दु रहा, समय ने करवट लिया और जिला शिक्षा के मामलों में पिछड़ा गया।

जिले को एक बार फिर से शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कु. हरिबंश सिंह ने काम किया। नतीजतन जिले को इन्द्रावती स्कूल पीजी से लेकर 10 तक, बी-फार्मा, डी-फार्मा, जेएनएम और एएनएम कालेज देकर जिले को शिक्षा के क्षेत्र में ऊंचा मकाम दिलाने का प्रयास किया। नीलम सिंह के पति रमेश सिंह खुटहन ब्लाक से प्रमुख रह चुके हैं। सबके अपने-अपने दांवे हैं। निर्दल प्रत्याशी नीलम सिंह ने एक वार्ता में बताया कि हमारे साथ 50 जिला पंचायत सदस्य हैं और हमें चुनाव जीतने को कोई रोक नहीं सकता। फिलहाल तीन जुलाई को परिणाम आने के बाद ये साफ हो जायेगा कि जिले की प्रथम महिला नागरिक का ताज किसके सर सजेगा।












