हमें एक बार फिर सरहद से मेरी माँ बुलाती हैं
101 वी क्षेम जी की जयन्ती पर कवि सम्मेलन आयोजित
जौनपुर,संकल्प सवेरा। साहित्य वाचस्पति डॉ श्रीपाल सिंह क्षेम की 101वी जयन्ती उनके आवास पर भव्य कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम क शुभारम्भ कवयित्री सुदामा ने वन्दना से किया। उन्होंने अपनी गजल – ” कोई गाँधी मुझे काबिल नजर नहीं आता ।
कश्तियों को कहीं साहिल नजर नहीं श्रोताओं को मंत्र-मुग्ध कर दिन। शायर मोनिस जौनपुरी ने- “पिया आता।” सुनाकर मोरा बसि गये जाके विदेश” गीत के माध्यम से विरहिणी नायिका का चित्रण किया तो कवि शशांक देव सिंह ने- “तोहरइ सुरतिया क
सगरौ बखान बा । अइसन लगत बा जइसे उतरा बिहान था । गीत बे सुनाकर श्रृंगार रस की छटा बिखेरी। शायर अन्सार जौनपुरी ने यहाँ पर मत बाँढो तिरशूल, यहाँ पर मत बाँटो तलवार’ कविता सुनाकर राष्ट्रीय एकता पर बल दिया।
इसी कड़ी में ओज के कवि डा० रणजीत सिंह ने -” बतन किस हाल में होगा, यही चिन्ता सताती है। हमें इक बार फिर सरहद से मेरी माँ बुलाती है ऐ जैसी कविताओं से राष्ट्रीय ऊर्जा का संचार किया। अपने अध्यक्षीय काव्य-पाठ में डा० प्रेम चन्द विश्वकर्मा ने दी दुआ दिल से
जुबाँ से दिया, दिया न दिया। ये अलग बात है, वो असर किया, किया न किया ” पंक्तियों से कार्यक्रम को ऊँचाई दी। इस पूर्व मंच का संचालन कर रहे सभाजीत द्विवेदी प्रकार ने जूता शीर्षक की कविताओं से लोगों को ठहाके लगाने के लिए बाहर कर दिया। जौनपुर कार्यक्रम के आरम्भ में माँ सरस्वती के चित्र
पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन किया गया। आगन्तुकों का अभिवादन जौनपुर पत्रकार संघ के संरक्षक ओम प्रकाश सिंह तथा आभार ज्ञापन शशिमोहन सिंह क्षेम में किया
उक्त अवसर पर अखिलेश तिवारी अकेला, प्रदीप सिंह सफायर, राम दयाल द्विवेदी, वीरेन्द्र मिश्र विराट, ओम प्रकाश फूल -चन्द्र भारती, राजमूरत शर्मा, रत्नाकर सिंह,अजीत- सिंह, शशी सिंह,पूर्व जिला पंचायत सदस्य, डा० भारतेन्दु मिश्र बेहोश जौनपुरी,जेड हुसैन,राजेश मौर्य देवी सिंह,
डॉ प्रेमशंकर यादव,विनोद विश्वकर्मा, लोलरक दुबे,रविन्द्र प्रताप सिंह,संजय माली,दयाशंकर यदाव स्वतंत्र,रिंकू सिंह उपास्थित















