“सम्मान से बढ़ता मनोबल: काशी में ‘Police Pride Felicitation 2025’, 43 जांबाज़ पुलिसकर्मी हुए सम्मानित”
वाराणसी, संकल्प सवेरा। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि जब समाज पुलिस के उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देता है, तो इससे पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और सेवा भावना और मजबूत होती है।
पुलिस लाइन्स ऑडिटोरियम में द टाइम्स ऑफ इंडिया और नवभारत टाइम्स द्वारा आयोजित ‘Police Pride Felicitation 2025’ समारोह में पुलिस आयुक्त ने डीसीपी रैंक से लेकर कांस्टेबल स्तर तक कुल 43 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया।
अपने संबोधन में पुलिस आयुक्त ने कहा कि यह पहल इसलिए विशेष है क्योंकि आमतौर पर आलोचनाओं के बीच काम करने वाले पुलिस विभाग के सकारात्मक और साहसिक कार्यों को समाज के सामने लाया गया है। जटिल हत्याकांडों, अपहरण, लूट, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति, त्वरित कार्रवाई और वर्षों पुराने मामलों के सफल अनावरण जैसे कार्यों को मंच से सम्मान मिलना पुलिस बल के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि कई मामलों में पुलिस को ‘देरी’ के लिए आलोचना झेलनी पड़ती है, जबकि वास्तविकता यह है कि हजारों कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही किसी निष्कर्ष तक पहुँचना संभव होता है। साइबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप पर भी उन्होंने चिंता जताई और नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों को तकनीक में दक्ष होने का आह्वान किया।
समारोह में सर्वश्रेष्ठ विवेचना, सबसे प्रभावी पुलिसकर्मी, सबसे कुशल थाना, साइबर अपराध नियंत्रण, मिशन शक्ति, महिला सुरक्षा, त्वरित कार्रवाई, खेलों में उत्कृष्टता, सबसे पुराने मामलों के निस्तारण और असाधारण परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने जैसे 12 से अधिक श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में सनबीम ग्रुप ऑफ एजुकेशन्स के चेयरमैन दीपक माधोक ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए खाकी वर्दी में तैनात कर्मियों के समर्पण को नमन किया।
यह आयोजन न सिर्फ पुलिस के मनोबल को मजबूती देने वाला रहा, बल्कि समाज और पुलिस के बीच विश्वास को और गहरा करने की दिशा में एक अहम पहल साबित हुआ।
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