मंत्री,विधायक व जिलाधिकारी इस अधिकारी के आगे बौने साबित हो रहे,बना चर्चा का विषय
जिला प्रशासन ने शासन को लिखा है पत्र की तीन वर्षों से एक ही पोस्ट पर है इनका ट्रांसफर होना चाहिए
संकल्प सवेरा,जौनपुर। उत्तर प्रदेश की सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की बात कर रही है लेकिन सच तो यह है कि भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों की जड़े जौनपुर में बहोत गहरी हो चुकी है कि सरकार के दावे को फेल करने में लगी हुई है।
यह हम नही बल्कि भारतीय जनता पार्टी के बदलापुर के लोकप्रिय विधायक रमेश चंद्र मिश्रा द्वारा लिखा गया यह पत्र कह रहा है आइये जानते है।
जौनपुर जनपद का डूडा विभाग भ्रष्टाचार की जद में आ चुका है। जिसका एक उदाहरण सामने आया है जो आज-कल खासा चर्चा का बिषय बना है।
जो भ्रष्टाचार की आगोश में गोताखोरी कर रहे जिले के एक अधिकारी को यहां से हटाने के लिए सत्ता पक्ष के विधायक मंत्री और जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारी तक शिकायती पत्र शासन को भेज चुके है। लेकिन इसके बाद भी एक अधिकारी जिले में अंगद के पांव की तरह जमा हुआ है और प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी योजना पीएम आवास देने के नाम पर गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों का शोषण धड़ल्ले किया जा रहा है। जिसका जिक्र माननीय विधायक रमेश चंद्र मिश्रा के पत्र में है।

जी हां हम बात कर रहे है जनपद में तैनात पीओ डूडा की, यह बता दें कि पीओ डूडा अनिल कुमार वर्मा मुलत: चकबन्दी विभाग के सहायक चकबन्दी अधिकारी है। इस विभाग में आन डेपुटेशन आये हुए है और विगत तीन वर्षो से जौनपुर के लोंगो का शोषण कर रहें है। इनके शोषण की खबरें तो कई बार जरिये मीडिया वायरल भी हो चुकी है। इनपर खुला आरोप है कि पीओ डूडा अपने अधीनस्थ कुछ संविदा के कर्मचारियों से पीएम आवास के लाभार्थियों से मोटी रकम वसूलते है।
जब तक पैसा नहीं मिलता तब तक आवास स्वीकृत नहीं हो पाता है। इनके कृत्यों से नाराज भाजपा बदलापुर के विधायक रमेश चन्द मिश्रा ने सबसे पहले 23 मई 22 को प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री को पत्र लिखकर शिकायत किया कि पीओ डूडा भ्रष्टाचार में डूबे हुए है जिससे सरकार की छबि खराब हो रही है।
ये मूलतः चकबन्दी विभाग के कर्मचारी है। इनका पद सहायक चकबन्दी अधिकारी है इनके कार्यकाल का तीन साल पूरा हो चुका है। इनको यहां से हटाकर इनके मूल विभाग में भेजा जाये। जनपद के दूसरे भाजपा विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री स्वतंत्र प्रभार ने भी मौखिक शिकायत पीओ डूडा के खिलाफ नगर विकास मंत्री से किया
लेकिन शिकायत पर कोई कार्यवाई नहीं हुई तो फिर 31मई 22 को पुनः विधायक रमेश चन्द मिश्रा ने प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र दिया जिसपर मुख्यमंत्री के बिषेश सचिव ने प्रमुख सचिव नगर विकास को आदेश नियमानुसार कार्रवाई करने का इसी दौरान फिर विधायक का एक शिकायती पत्र शासन के पास पीओ डूडा अनिल कुमार वर्मा के खिलाफ गया कि वह आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए है
और इनके भ्रष्टाचार के कारण विकास के कार्य प्रभावित हो रहे है। केन्द्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी पीएम आवास योजना लूट पाट का शिकार हो कर रह गयी है संविदा के कर्मचारियों द्वारा गरीबो का शोषण किया जा रहा है। जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की गयी।
इधर विशेष सचिव मुख्यमंत्री के आदेश पर डीएम जौनपुर मनीष कुमार वर्मा ने सीआरओ (अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व)के जरिये जांच कराया और 30 जून 22 को विशेष सचिव को अपनी आख्या भेज दिया और कहा कि पीओ डूडा 10 मार्च 19 तीन साल से इस जिले में तैनात है इनका मूल विभाग चकबन्दी है। इन्हे नगरीय विकास विभाग से हटाकर इनके मूल विभाग में सहायक चकबन्दी अधिकारी के पद पर भेजा जाये।
पूर्व में वर्ष 2021 में पीओ डूडा के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा भी डीएम जौनपुर के द्वारा दर्ज कराया गया है। लेकिन वह भी ठन्डे बस्ते में चला गया है। इसके बाद भी पीओ डूडा अनिल कुमार वर्मा के खिलाफ कुछ नही हुआ तो विधायक रमेश चन्द मिश्रा ने शिकायती पत्र राष्ट्रीय सचिव शहरी आजीविका मिशन को भेजा । फिर 12 जुलाई 22 को पुनः रिमाइंडर पत्र प्रदेश शासन को सभी पत्रो का हवाला देते हुए भेजा गया लेकिन आज तक पीओ डूडा को इस विभाग से शासन व प्रशासन नहीं हटा सका।
इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों की जड़े कितनी गहरी है कि सत्ता पक्ष के मंत्री विधायक सहित जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारी एक अदना से अधिकारी के खिलाफ पत्र भेज कर कार्यवाई की अपेक्षा कर रहे है और जिम्मेदार लोग कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है।
इसके पूर्व विधानसभा केराकत के लोकप्रिय विधायक दिनेश चौधरी ने भी मुख्यमंत्री से पीयो डूडा की शिकायत की थी लेकिन उस पर भी कोई कार्यवाही नही हो पायी थी।












