लखनऊ, संकल्प सवेरा । विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सोमवार को कहा कि लोकतंत्र में विधानसभा की नवगठित समितियों के सदस्यों से कहा कि वे जिलों में जाकर सच्चाई को जानने का काम करें। वर्षों से लंबित मामलों का निस्तारण करें। उन्होंने समिति के सदस्यों को चेताया भी कि लगातार तीन बैठकों में उपस्थित न होने पर किसी अन्य सदस्य को उनके स्थान पर अवसर दिया जा सकता है।
वह विधानसभा की लोक-लेखा, सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम, महिला व बाल विकास संयुक्त समिति तथा प्राक्कलन समितियों की बैठकों के उद्घाटन अवसर पर समितियों के सभापतियों व सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समितियों के सभी सदस्य बैठकों में तैयारी करके शामिल हों जिससे अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने में उन्हें दिक्कत का सामना न करना पड़े
लोक लेखा समिति की बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह सबसे महत्वपूर्ण समिति होती है। लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत सरकारी धन के खर्च पर निगाह रखने की जिम्मेदारी लोक-लेखा समिति की होती है। समितियों के पास अधिकार भी हैं तो कुछ अंकुश भी हैं। इस बात की भी चिंता करनी होगी कि कम से कम खर्च मे जनता का अधिक से अधिक काम हो सके।
संविधान के अनुसार जो अधिकार विधायिका को मिले हैं, समितियां उसके अनुसार ही कार्य करें।समितियों की उद्घाटन बैठक में लोक लेखा समिति के सभापति महबूब अली, सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम समिति के सभापति मनीष असीजा, महिला एवं बाल विकास संयुक्त समिति की सभापति नीलिमा कटियार, प्राक्कलन समिति के सभापति लोकेन्द्र प्रताप सिंह व सभी समितियों के सदस्य तथा विधान सभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे











