संकल्प सवेरा, जौनपुर। अफगानिस्तान से 168 भारतीय सकुशल भारत आए हैं। यह सभी लोग गाज़ियाबाद के हिंडन एयरबेस पर आए थे, इन्हीं में से एक जौनपुर के मयंक कुमार सिंह भी हैं।
मयंक सोमवार सुबह ट्रेन से अपने पैतृक आवास जौनपुर पहुंचे। मयंक के घर पहुंचते ही उनके परिजनों की मुस्कान वापस लौट आई है।
जहां मयंक फंसे थे वह कंपनी काबुल एयरपोर्ट से 2 किलोमीटर की दूरी पर थी।
अफगानिस्तान के हालात देखकर परिवार वालों की चिंता बढ़ रही थी। बेटे मयंक से बात होने के बावजूद परिवार बेचैन रहता था। मयंक के माता पिता और उनके दो बहनें उनका बेसब्री से इंतजार कर रही थी। मयंक की बहन आकांक्षा भाई के भारत आने पर सरकार को धन्यवाद दे रही हैं।
छोटी बहन अपूर्वा कहती हैं कि वह अपने भाई को वापस अपने घर देखकर खुश हैं, जिस तरह के हालात अफगानिस्तान में थे उससे घर वाले परेशान रहते थे। रक्षाबंधन के दिन राखी ना बांधने का मलाल उनको था।
मयंक बोले, कंपनी में ही रहते थे हम लोग
अफगानिस्तान के हालात बताते हुए मयंक कहते हैं कि वह अपनी कंपनी में ही रहते थे। भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में था, वो कहते हैं कि अफगानिस्तान में जिस तरह के हालात हैं वह अच्छे नहीं हैं,
वहां कोई सरकार ने होने की वजह से स्थिति ठीक नहीं है। गाड़ी अगवा करने की बात पर मयंक बताते हैं कि ऐसी कोई बात नहीं थी. उन्होंने कहा कि जो लोग वहां से छोड़ रहे हैं उनके पासपोर्ट वेरिफिफिकेशन के लिए लोग गाड़ी में लेकर गए थे।












