प्रसूता की मौत से हास्पिटल पर परिजनों का हंगामा।
रामपुर। स्थानीय नगर के नहर पर स्थित एक हॉस्पिटल में सोमवार को प्रसव पीड़ा के दौरान भर्ती 24 वर्षीय महिला को ऑपरेशन द्वारा बच्ची पैदा हुई।परंतु प्रसूता की रक्त स्राव बंद न होने से हालत बिगड़ गयी।जिससे महिला की मृत्यु हो गयी।महिला की मृत्यु हो जाने पर हॉस्पिटल के डॉक्टरो द्वारा महिला का शव एंबुलेंस में रखकर दूसरे जगह इलाज कराने का बहाना कर गुमराह किया गया।महिला के मृत्यु की जानकारी होने पर परिजनों ने मंगलवार सुबह 6:30 बजे हॉस्पिटल पर हंगाम किया।स्थानीय पुलिस के मौके पर पहुंच कर हंगामा कर्ता को तितर-बितर कर दिया।और हास्पिटल के एंबुलेंस सहित उसमे रखे शव को अपने कब्जे में ले लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुर नहर की पुलिया के पास स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल पर प्रसव होने हेतु।पचुरखी मठियाँ गांव निवासिनी सोनी पाल 24 पत्नी रविंद्र पाल को सोमवार को सायं काल 8:00 बजे भर्ती कराया गया ।लोग बताते हैं कि रात्रि 11:00 बजे महिला को ऑपरेशन द्वारा बच्चा पैदा हुई । बच्ची पैदा होने के पश्चात महिला का रक्तस्राव बंद नहीं हुआ। घबराए डॉक्टर ने एंबुलेंस बुलाकर अन्यत्र इलाज कराने के लिए ले जा रहे थे।कि महिला की मृत्यु हो गयी। सोमवार सुबह 6 बजे एंबुलेंस में शव हॉस्पिटल पर आते ही गांव के लोगों ने हॉस्पिटल हंगामा कर दिया।और सड़क जाम करना चाहा, तब तक पुलिस पहुंच गयी। पुलिस को देखते ही लोग वहां से इधर उधर निकल गए। पुलिस ने हॉस्पिटल पर हंगामा न हो पाने की नियत से एंबुलेंस सहित शव को थाने में खड़ा करा दिया ।पुलिस की जानकारी में क्षेत्र के छोटभैये नेता डॉक्टर व मृतक के परिवार के बीच सुलह समझौता कराने में लगे रहे। थानाध्यक्ष रामपुर संपूर्णानंद राय ने कहा कि दोनों लोग आपस में सुलह समझौता कर लिया है। मृतक के परिजनों ने लिखित दे दिया है कि मृतक अपनी मौत से मरी है ।
चिकित्सा अधीक्षक रामपुर एक वर्ष पूर्व किये थे यही हास्पिटल शील।
रामपूर। ज्ञात हो कि स्थानीय नगर के नहर पुलिया के पास एवं क्षेत्र में इसी तरह दर्जनों हास्पिटल फर्जी तरीके से संचालित हो रहे हैं ।जहां पर ना तो रजिस्टर्ड डॉक्टर हैं, न तो हास्पिटल का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है।। दूसरे डाक्टरों एवं झोलाछाप महिला डॉक्टरों के सहारे पर हॉस्पिटलों को चलाकर धन जुटाया जाता है ।जहां पर आए दिन घटनाएं घटती रहती हैं।
प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक रामपुर डॉ. प्रभात यादव ने बताया कि कुछ एक वर्ष पूर्व में इस हॉस्पिटल की जांच की गई थी।क्लिनिक चलाने का रजिस्ट्रेशन पाया गया था।जिससे इस हास्पिटल को सील कर दिया था।अब क्या स्तिथि है।यह जांच करना पड़ेगा।
आश्चर्य की बात यह है।कि वही हास्पिटल कुछ दिन बाद पुनः पुराने स्थिति में चलने लगी।
दो वर्ष पूर्व इसी हॉस्पिटल पर इसी तरह हुई थी।एक महिला की मौत।
रामपुर। क्षेत्र सोरहा बौरियाँ गांव की इसी हास्पिटल पर एक प्रसूत महिला की मौत के बाद परिजनों के हंगामा करने पर बिचौलियो के माध्यम से स्थानीय थाने पर मुकदमा दर्ज न होकर सुलह हुआ था।और यह हॉस्पिटल क्लिनिक रजिस्ट्रेशन पर धड़ल्ले से चलता रहा।












