धर्म की स्थापना के लिए होता है महामाया का प्राकट्य : आनंद भूषण जी महाराज
भगवान श्री कृष्ण का जन्म होते जय श्री कृष्णा के जयघोष से गूंज उठा पूरा पंडाल
सुजानगंज,संकल्प सवेरा स्थानीय क्षेत्र के प्रेम का पूरा गांव में मां अन्नपूर्णा धाम में श्री अन्नपूर्णा महोत्सव के अंतर्गत चल रही श्रीमद् देवी भागवत महापुराण की कथा में अयोध्या से पधारे कथा व्यास श्री आनंद भूषण जी महाराज ने तृतीय दिवस की कथा में श्रद्धालुओं को बताया कि अधर्म के नाश और धर्म की स्थापना के लिए ही भगवती का प्राकट्य होता है।
पूज्य महाराज श्री ने मधु कथा प्रसंग के माध्यम से लोगों को बताया कि भगवान विष्णु के कान के मेल से जब मधु कैटभ राक्षस प्रकट हुए तब उन्होंने तीनो लोक में हाहाकार मचा दिया। मधु कैटभ के आतंक से पीड़ित देवताओं ने महामाया की शरण गही, फिर महामाया की कृपा से मधु कैटभ नामक राक्षस का अंत हुआ और पुनः धर्म की स्थापना हुई । देवी भागवत कथा प्रसंग के अंतर्गत ही पूज्य महाराज श्री ने कृष्ण जन्मोत्सव की लीला का भी वर्णन किया और जन्म उत्सव में कथा पंडाल में सभी श्रोता नाचने को मजबूर हो गए ।
पूज्य महाराज श्री ने श्रोताओं को बताया कि हम लोगों को अपना जीवन सुंदर बनाना है तो महामाया की शरण में ही रहना चाहिए ।
बताते चलें कि चैत्र नवरात्र प्रतिपदा से ही अन्नपूर्णा धाम प्रेम का पूरा में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण की कथा और शतचंडी महायज्ञ प्रारंभ है जो कि 10 अप्रैल तक चलेगा । उक्त अवसर पर सुरेश दुबे, कमला शंकर दुबे, प्रेम शंकर दुबे, प्रमोद दुबे, अशोक दुबे, नीरज दुबे, एवं आयोजक धीरज दुबे आदि उपस्थित रहे ।












