नही मिल रही सब्जी मंडी के लिए भूमि, नया ठिकाना बना पुराना अस्पताल परिसर
9दिसंबर2021को हुए बवाल के बाद रोडवेज बस स्टैंड में स्थापित हुई थी सब्जी मंडी
लगभग डेढ़ दशक से चल रही है मांग,नही मिल रही भूमि
संकल्प सवेरा मछलीशहर। व्यापारियो द्वारा लगभग डेढ़ दशक से मंडी की स्थापना के लिए मांग चल रही है,मगर भूमि नही मिलने से स्थाई मंडी का निर्माण नही हो पा रहा है।ऐसे में मंडी को जगह जगह अस्थाई व्यवस्था करके चलाया जा रहा है।रोडवेज बस स्टैंड से हटाकर नगर स्थित पुरानी अस्पताल परिसर में सब्जी मंडी को अस्थाई रूप से स्थापित किया गया है।रविवार को सुबह से ही अपने आवंटित स्थान पर दुकान लगाकर व्यापारी अपना कारोबार आरंभ कर दिए हैं।
तहसील के पीछे चल रही सब्जी मंडी को 9दिसंबर2021को हुए बवाल के बाद से ही रोडवेज बस स्टैंड परिसर में स्थापित किया गया था।उपजिलाधिकारी से परिवहन विभाग द्वारा बस स्टैंड में चल रही सब्जी मंडी को हटाने कै लिए कई बार आपत्ति जताई गई तो एस डी एम ज्योति सिंह ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को पुरानी अस्पताल की खाली परी भूमि को समतल कराकर सब्जी विक्रेताओं को आवंटित करने का निर्देश मार्च माह में ही दिया था। ई ओ ने उक्त स्थान पर स्थित भवन के अवशेष और मलवा को हटवाकर भूमि को समतल कराकर सब्जी विक्रेताओं को आवंटित कर दिया।दो दिन पहले ही रोडवेज बस स्टैंड से दुकानों को हटाने का निर्देश प्रसारित किया गया।रविवार को सुबह ही सभी दुकानदार पुराने अस्पताल परिसर में सब्जी मंडी में दुकान लगाकर बिक्री आरंभ कर दिए हैं।
मिनी मंडी की स्थापना पर शासन दे चुका है सहमति
मछलीशहर।सपा के शासन काल में तत्कालीन विधायक जगदीश सोनकर के प्रयास से शासन द्वारा मिनी मंडी स्थापित करने के लिए सहमति दी जा चुकी है।तब से डेढ़ दशक का समय बीत गया मगर भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी ,और अभी भी मंडी स्थापित नही हो सकी। व्यापारी प्रशानिक अधिकारियों द्वारा चिन्हित स्थान पर बनी मंडी में दुकान लगाकर वस्तुओ की बिक्री करते हैं।
भूमि उपलब्ध कराने के लिए चल रहा प्रयास
मछलीशहर। उपजिलाधिकारी ज्योति सिंह का कहना है कि मंडी की परिवहन विभाग की आपत्ति के कारण रोडवेज बस स्टैंड से दुकान हटवाई गई है।स्थाई व्यवस्था होने तक पुरानी अस्पताल परिसर में दुकानदारों को दुकान लगाकर बिक्री करने का निर्देश दिया गया है।मंडी के लिए भूमि उपलब्ध नही हैं,भूमि उपलब्ध होने के बाद अधिग्रहण कर स्थाई व्यवस्था की जाएगी।












