ऑक्सीजन के कमी से नहीं टूटेगी सांसो की डोर
मेडिकल कॉलेज में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट बन कर तैयार
जौनपुर,संकल्प सवेरा। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में कई महीनों से निर्माणाधीन एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट) बुधवार को तैयार कर दिया गया। बीस हजार लीटर का प्लांट एनएचएम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भारत सरकार के द्वारा मेडिकल कॉलेज में स्थापित किया गया है। इसके पहले भी मेडिकल कॉलेज में पीएसए (प्रेशर स्विंग ऑक्सीजन प्लांट) की स्थापना की जा चुकी है।
20 हजार लीटर की छमता के इस ऑक्सीजन प्लांट से गंभीर मरीजों को 100 प्रतिशत शुद्धता की ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सकेगी। साथ ही ऑक्सीजन सिलेंडर भरकर प्रति माह हजारों की बचत भी हो सकेगी। जल्द ही इसे जोड़कर शीघ्र आईपीडी भवन चालू होने के बाद मरीजों को इसका लाभ दिया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में 1000 प्रति लीटर की क्षमता के एक ऑक्सीजन प्लांट पहले से स्थापित किया जा चुका है ।लेकिन इन प्लांटों से 92 से 96 फ़ीसदी तक ऑक्सीजन शुद्धता प्रतिशत होता है इसकी वजह से आईसीयू के गंभीर मरीजों के उपचार में दिक्कत होती है और जंबो सिलेंडर से काम चलाना पड़ता है। इसलिए मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य शिवकुमार ने शासन को पत्र लिखकर एलएमओ प्लांट की मांग की थी। जिसके बाद सिविल कार्य के लिए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने इसके फाउंडेशन को तैयार कराया था। वहीं बुधवार को प्रधानाचार्य की मौजूदगी में इस प्लांट को इंस्टॉल कराया गया।
प्रधानाचार्य शिव कुमार ने बताया कि 20 हजार किलोमीटर प्रति मिनट की क्षमता का यह एलएमओ प्लांट तैयार हो गया है जैसे ही आईपीडी भवन शुरू होगा इससे ऑक्सीजन की शुद्धता 100 प्रतिशत होगी इससे रसोई गैस सिलेंडर के तर्ज पर लिक्विड में ऑक्सीजन की उपलब्धता रहेगी साथ ही मरीजों को इसका लाभ मिल सकेगा।।













