स्वयं पर लगे आरोपों की जांच खुद ही करके रिपोर्ट भेज दी थी पीओ डूडा ने
जौनपुर।डूडा कार्यालय में सीओ बनाम पीओ के विवाद की जांच में जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा परियोजना अधिकारी डूडा को ही जांच दिए जाने के मामले में जिला प्रोबेशन ने संकल्प सवेरा में समाचार लगने के बाद पुनः जांच आंतरिक परिवाद कमेटी से कराए जाने का आदेश जारी किया है।
ज्ञातव्य है कि फरवरी माह में पीओ डूडा ने समुदायिक आयोजक उषा राय का कार्यमुक्त कर दिया था।जिस पर उषा द्वारा कई जगह गुहार लगाने के बाद चार मार्च को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह के सज्ञान में मामला जाने पर उनकी कड़ी फटकार के बाद पीओ ने सीओ को पुनः कार्य पर वापस ले लिया था।पीओ डूडा पर उषा राय द्वारा लगाए गए आरोपों पर जांच के लिये तेरह मार्च को सम्मन जारी हुआ था,जिसकी जांच हेतु जिला प्रोबेशन अधिकारी ने पीओ डूडा को ही पत्र देकर जांच कार्यवाही से अवगत कराने के लिये कहा।जिस पर पीओ डूडा द्वारा स्वयं ही जांच अधिकारी बनकर मामले की जांच रिपोर्ट प्रोबेशन कार्यालय भेज दी गयी।उक्त की जानकारी होने पर संकल्प सवेरा ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था।जिसके बाद 19 मई को पुनः जिला प्रोबेशन अधिकारी ने पीओ डूडा को पत्र लिखकर मामले की जांच विशाखा गाइडलाइन के अनुसार कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न के संदर्भ गठित आंतरिक परिवाद कमेटी से कराने का निर्देश दिया है,साथ ही पीओ डूडा को यह भी अवगत कराया है कि पूर्व में पीओ द्वारा यह कार्यवाही नही की गई है,और शिकायत के अनुसार कोई भी जवाब नही दिया गया है।
जिला प्रोबेशन ने अपने पत्र में यह भी निर्दिष्ट किया है कि बकौल उषा राय आरोपित व्यक्ति प्रकरण की जांच नही कर सकता है।उन्होंने पीओ डूडा से उषा राय की शिकायत के संदर्भ में पीओ डूडा से भी अपना पक्ष रखने हेतु जवाब मांगा है।












