संकल्प सवेरा अब से 25 वर्ष बाद राष्ट्र स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष में प्रवेश करेगा। मौजूदा अमृत महोत्सव राष्ट्र की विकास-गति की एक रूपरेखा प्रस्तुत करता है। हमारे पूर्वजों ने इस संबंध में अपनी स्पष्ट दूरदृष्टि को प्रस्तुत किया था, जिसके फलस्वरूप हमारी अब तक की प्रगति हुई है। नए भारत के निर्माण के इस व्यापक कार्य के परिप्रेक्ष्य में कई क्षेत्रों में बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर की प्रेरणादायी दूरदृष्टि और सतर्कतापूर्ण दृष्टिकोण हमेशा एक मार्गदर्शी प्रकाश-स्तंभ के रूप में हमारे साथ है। उनकी जयंती एक राष्ट्र निर्माता के रूप में उनकी समग्र भूमिका का स्मरण करने और हमारे कार्य क्षेत्रों में उनके आदर्शो का अनुकरण करने के लिए पुन: प्रेरित होने का एक उपयुक्त अवसर है।
डा. आंबेडकर ने एक संस्था निर्माता के रूप में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान समय की संवैधानिक व्यवस्था ने उनकी बुद्धिमत्ता और ज्ञान को चारों दिशाओं में गुंजायमान किया है। वे संविधान सभा में वाद-विवाद में सबसे महत्वपूर्ण वक्ता थे। इस क्षेत्र में संपूर्ण वार्तालाप में सर्वाधिक योगदान अर्थात 7.5 प्रतिशत बाबा साहब का ही रहा, जबकि नेहरू का योगदान 2.14 प्रतिशत रहा। भारतीय रिजर्व बैंक ने डा. आंबेडकर के ‘रुपये की समस्या-इसकी उत्पत्ति और समाधान’ विषयक शोध-पत्र को अपनी कार्यप्रणाली का मूलाधार बनाया। वायसराय की कार्यकारी परिषद के लेबर मेंबर के रूप में उन्होंने जल, बिजली, श्रम कल्याण नीतियों को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने केंद्र और राज्य के हितों को जोखिम में डाले बिना अपने आर्थिक स्तर को लगातार ऊपर उठाने के प्रयोजनार्थ केंद्र और राज्यों के बीच एक संघीय वित्तीय प्रणाली को विकसित करने में बड़ा योगदान दिया। वह श्रमिक अधिकारों के एक कट्टर पैरोकार थे। एक श्रमिक नेता के रूप में उन्होंने ‘कार्य की उचित स्थिति’ के बजाय ‘श्रमिक के जीवन की उचित स्थिति’ की हिमायत की। अन्य कल्याणकारी कार्यों यथा काम के घंटों को घटाकर प्रति सप्ताह 48 घंटे करना, ओवर टाइम और पेड लीव की व्यवस्था, न्यूनतम पारिश्रमिक का निर्धारण एवं उसकी सुनिश्चितता, श्रम कल्याण कोष तथा ट्रेड यूनियनों की स्वीकार्यता को अक्षरश: लागू किया गया। काश्तकारों के बीच दास परंपरा का उन्मूलन किया। श्रमिकों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक विवाद विधेयक, 1938 का कड़ा विरोध किया था












