उत्तर प्रदेश के हाथरस में मिलावटी खाने से जुड़ा अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यहां पुलिस ने मंगलवार को एक मसाला फैक्ट्री पर छापा मारा, जिसमें पता चला कि यहां गधे की लीद, सूखी घास, नकली रंग और तेजाब की मदद से नकली मसाले तैयार किए जा रहे थे. पुलिस ने बड़ी मात्रा में मसालों के टेस्टिंग के लिए भेज दिया है. टेस्ट के बाद फैक्ट्री के मालिक के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स कानून के तहत मामला दर्ज किया जाएगा. पुलिस ने बताया कि उन्होंने फैक्ट्री से 300 किलो फर्जी मसाले जब्त किए हैं.

हाथरस जिले के नवीपुर इलाके में पुलिस को लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, धनिया पाउडर, हल्दी समेत कई अन्य मसाले मिले. मीडिया रिपोर्टस बताती हैं कि इन मसालों को खतरनाक और खाने के इस्तेमाल में नहीं ली जाने वाली चीजों की मदद से बनाया जा रहा था. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया कि रिपोर्ट के अनुसार, फैक्ट्री के मालिक अनूप वर्षाने को गिरफ्तार कर लिया गया और फैक्ट्री सील कर दी गई है.
रेलवे टिकटों की धांधली का मामला
उत्तर प्रदेश के ही बस्ती में इसी तरह का एक मामला सामने आया था. समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूपी स्पेशल टास्क फोर्स ने तत्काल टिकट बेचने वाले के रैकेट का पर्दाफाश किया था. इस रैकेट के सरगना को छावनी पुलिस स्टेशन इलाके से गिरफ्तार किया गया था. खास बात यह है कि तमिलनाडु के तुर्रुपुर के पोटियापाल्यम का रहने वाला एक युवक रेलवे पुलिस के निशाने पर आ गया था.
दरअसल, IIT के पूर्व छात्र एस युवराज ने दो ऐप तैयार की थीं. इन ऐप्स के जरिए वह आईआरटीसी सिस्टम को बायपास कर यूजर्स को तत्काल टिकट जल्दी बुक कराने में मदद करता था. यह जानकारी अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्स्प्रेस की रिपोर्ट से मिली है.












