वर्तमान सरकार में स्थानीय उद्योग और व्यापार चौपट और व्यापारी कंगाल है:- इन्दु सिंह
कपड़े,रेडिमेड,होजरी और जूते पर जीएसटी की दर 5 से 12 किए जाने का मुखर विरोध किया जाएगा:- व्यापार मंडल
31 दिसंबर को बचे स्टॉक पर 7% टैक्स की वसूली व्यापारियों के शोषण का प्रतीक है:- व्यापार मंडल
संकल्प सवेरा जौनपुर केंद्र की वर्तमान मोदी सरकार में व्यापार एवं व्यापारियों को बुरा हाल है, जीएसटी की दरों में विषमताओं में जहां व्यापारी उलझा हुआ है, वही ऑनलाइन कारोबार ने भी स्थानीय उद्योग और व्यापार पर ग्राहकों का पहरा लगा रखा है।
उक्त बातें उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष इंद्रभान सिंह इंदू ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही है।
व्यापारी नेता इन्दु सिंह ने कहाकि सरकार की गलत नीतियों के कारण स्थानीय उद्योग एवं व्यापार बदहाली का शिकार हो चुका है, जबकि ऑनलाइन कारोबार से सरकार को किसी तरह के राजस्व का लाभ नहीं होता है, बल्कि घरेलू उद्योग और व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
जीएसटी लगाते समय सरकार ने कहा था कि जीएसटी की दरों में कभी भी बढ़ोतरी नहीं होगी लेकिन रेडीमेड कपड़ों होजरी एवं जूतों पर 1 जनवरी से जीएसटी 5% से 12% कर दी जाएगी जो सरासर व्यापारियों के साथ अन्याय और उत्पीड़न की परिधि में आता है, जबकि 70 से 80 पर्सेंट लोग 1000 के अंदर के कपड़े और जूते खरीदने वाले हैं ऐसे में इस महंगाई की मार 70 से 80% गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवार पर पड़ेगी सरकार के इस कदम का व्यापार मंडल मुखर विरोध करता है सरकार से मांग करता है कि इस पर विचार करके पुरानी दरों को लागू किया जाए।

जिला अध्यक्ष इंद्रभान सिंह इंदू ने कहा कि 31 दिसंबर को बचे हुए स्टाक पर 7 परसेंट की दर से वसूली व्यापारियों के साथ खुला शोषण है, सरकार के इस फैसले से यह प्रतीत होता है कि सरकार सारी भरपाई व्यापारियों से ही करना चाहती है जबकि नोटबंदी और कोरोना काल में सर्वाधिक व्यापारी समुदाय ने नुकसान उठाया और समाज की मदद की सरकार को ऐसे में व्यापारियों के साथ बड़े दिल के साथ छूट देना चाहिए वहीं सरकार उसके विपरीत शोषण करने में लगी हुई है हम सरकार के इस फैसले का विरोध करते हैं।
व्यापारी नेता इंद्रभान सिंह इंदू ने आगे कहा कि ऑनलाइन कारोबार इस हद तक जा चुका है कि इस पर रोक लगाना संभव नहीं है जबकि ऑनलाइन कारोबार से सरकार को कोई लाभ नहीं है ऐसे में यदि ऑनलाइन कारोबार पर 10% सर्विस शुल्क लगा दिया जाए तो ऑनलाइन खरीदारी में कमी आएगी और स्थानीय उद्योग धंधों और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
जिला महामंत्री आरिफ हबीब ने बताया कि पिछले माह कानपुर में संपन्न व्यापार मंडल की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में या निर्णय लिया गया है कि रेडीमेड कपड़े होजरी एवं जूते पर जीएसटी की बढ़ाई हुई दरों का विरोध किया जाएगा और सरकार से इसे पुन: वापस लिए जाने की मांग की जाएगी वही ऑनलाइन कारोबार पर 10% सर्विस शुल्क लगाने की मांग भी की जाएगी इस संबंध में आने वाली 24 दिसंबर को केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित मांग पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से भेजकर व्यापारी हित में सरकार से यह मांग की जाएगी।












