फेसबुक व्हाट्सएप ना होता तो मां को कोई याद न करता आशुतोष त्रिपाठी
संकल्प सवेरा। मां दिवस पर जौनपुर नगर स्थित मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज के भौतिकी प्रवक्ता आशुतोष त्रिपाठी ने अपना विचार देते हुए कहा कि वर्तमान समय की स्थिति और परिस्थिति मां के लिए एक संघर्ष और वरदान भी है आज मां दिवस पर फेसबुक व्हाट्सएप के माध्यम से मां की ममता को लोग उजागर कर रहे हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो अपनी मां को वृद्ध आश्रम में भेज चुके हैं
और फेसबुक और व्हाट्सएप पर मां की ममता का गुणगान कर रहे हैं यह दिखावे की दुनिया यह शर्म की दुनिया हो चुकी है मां की ममता जीवन का सर्वाधिक वात्सल्यपूर्ण क्षण, जो स्नेह और और सुकून की लब्धि होती है इस अवस्था में वो फिर अनुभूति कभी किसी अवस्था में न प्राप्त होती है
इतना वात्सल्य प्रदत्त करने के बाद में भी अक्सर अपने ही गढ़े हुए अंश के द्वारा उसे तिरस्कृत और क्षोभ प्राप्त होता है, फिर भी वो अपने संतान को निरंतर असीम स्नेह और आशीष से परिपूर्ण रखती है
सच में मा से ज्यादा धैर्यवान सहनशील और वात्सल्य प्रदत्त करने वाली कृति कोई नही इस ब्रम्हांड में
जो आपको इस धरा पर ला कर असीम वात्सल्य से परिपूर्ण रख सदैव आशीष प्रदत्त करती है उस देवी का सदैव सम्मान करो।












