तेलंगाना सीएम के चंद्रशेखर राव के पैर छूकर सुर्खियों में आए आईएएस पी वेंकटरामी रेड्डी ने अब अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि इस्तीफा देकर वो फुल टाइम राजनीति में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
सिद्दीपेट के जिला कलेक्टर पी. वेंकटरामी रेड्डी ने सोमवार को सवैच्छिक सेवानिवृत्ति लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा तेलंगाना सरकार ने स्वीकार भी कर लिया। इस्तीफा देने के कुछ घंटों के भीतर ही उन्हें सेवा से मुक्त करने के आदेश सरकार की तरफ से जारी किए गए।
द हिन्दू के अनुसार वेंकटरामी रेड्डी को राज्य सिविल सेवा (एससीएस) श्रेणी के तहत आईएएस के लिए चुना गया था। उन्हें 2006 बैच आवंटित किया गया था। अभी उनके पास अगले साल सितंबर के अंत तक नौकरी बची थी। रेड्डी तेलंगाना के पेद्दापल्ली जिले के ओडेला गांव के रहने वाले हैं।
मिली जानकारी के अनुसार पूर्व आईएएस अधिकारी जल्द ही राज्य की सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति में शामिल हो सकते हैं। टीआरएस उन्हें एमएलसी बना सकती है।
वह 1991 में संयुक्त आंध्र प्रदेश में एससीएस की ग्रुप- I सेवा के लिए चुने गए थे। तब रेड्डी ने मछलीपट्टनम, चित्तूर और तिरुपति में राजस्व मंडल अधिकारी के रूप में काम किया था।
आईएएस के लिए चुने जाने के बाद वेंकटरामी रेड्डी ने संगारेड्डी और सिद्दीपेट जिलों के कलेक्टर के रूप में काम किया। सिद्दीपेट के जिला कलेक्टर के रूप में उनका कार्यकाल कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना के मल्लनसागर जलाशय के लिए भूमि अधिग्रहण के मामले में विवादों से भरा रहा।












