पूरे महाराष्ट्र का हिंदीभाषी समाज आज भाजपा के साथ है : कृपाशंकर सिंह
कहा, राज्य की लगभग सभी महानगरपालिका क्षेत्रों में हिंदी भाषियों की संख्या है निर्णायक
इसलिए सभी 29 महानगरपालिकाओं में इस बार भाजपानीत महायुति का ही बनेगा महापौर
मुंबई, संकल्प सवेरा: महाराष्ट्र भाजपा के उपाध्यक्ष कृपाशंकर सिंह ने कहा है कि आज पूरे महाराष्ट्र का हिंदी भाषी समाज भाजपा के साथ है। महाराष्ट्र के लगभग सभी महानगरपालिका क्षेत्रों में हिंदी भाषियों की संख्या निर्णायक है। इसलिए सभी 29 महानगरपालिकाओं में इस बार भाजपानीत महाबुति का ही महापौर बनेगा।
महानगरपालिका चुनावों के दौर में मुंबई की हिंदी भाषी राजनीति का चिर परिचित चेहरा कृपाशंकर सिंह बृहन्मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में संख्याबल के आधार पर कृपाशंकर सिंह हिंदी भाषियों की ताकत बताते हुए कहते हैं कि मुंबई-ठाणे-नई मुंबई मीराभायंदर और कल्याण डोंबीवली मिलाकर हिंदी भाषियों की संख्या डेढ़ करोड़ से अधिक है। इनमें करीब 40 प्रतिशत आबादी हिंदी भाषी राज्यों से आए लोगों की है। इस प्रकार डेढ़ करोड़ की आबादी में लगभग 60 लाख हिंदी भाषी किसी
भी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। कांग्रेस के मुंबई अध्यक्ष एवं कांग्रेस सरकार में ही राज्य के गृह राज्य मंत्री रह चुके सिंह कहते हैं कि कभी मुंबई का हिंदी भाषी समाज कांग्रेस के साथ हुआ करता था। लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के कारण जिस प्रकार लगभग सभी हिंदी भाषी राज्यों
की जनता आज भाजपा के साथ मजबूती से खड़ी है, उसी प्रकार बृहन्मुंबई क्षेत्र की हिंदी भाषी जनता भी आज पूरी तरह से भाजपा के साथ है।
पिछले लोकसभा चुनाव की याद दिलाते हुए सिंह कहते हैं कि संविधान बदलने का भ्रमित करने वाला संदेश प्रसारित कर तब महाविकास आघाड़ी को बोड़ी कामयाबी मिल गई थी, लेकिन जल्द ही लोगों को सच्चाई समझ में आ गई और विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी गलती सुधार ली। अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की विकासोन्मुखी नीतियों के कारण हर वर्ग का मतदाता भाजपा के साथ
है। इसकी एक ब्रानगी कुछ ही दिनों पहले नगर परिषद एवं नगर पंचायत चुनावों में भाजपानीत गठबंधन की एकतरफा जीत के रूप में देखी गई है। अब वही सफलता भाजपा 29 महानगरपालिका के चुनावों में भी दोहराने जा रही है। यानी सभी 29 महानगरपालिकाओं में भाजपानीत महायुति का ही महापौर बनने जा रहा है। सिंह के अनुसार, भाजपा की दृष्टि से ये स्थानीय निकाय चुनाव बहुत महत्वपूर्ण होने जा रहे हैं, क्योंकि इनमें मिलने वाली सफलता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशानुसार ‘2029 में शत प्रतिशत भाजपा’ का लक्ष्य पूरा करने में मदद करेगी।
कांग्रेस में लंबी राजनीतिक का अनुभव रखने वाले सिंह भाजपा की कार्यशैली से उसकी तुलना करते हुए कहते हैं कि भाजपा में एक-एक कदम योजना बनाकर उठाया जाता है। शीर्ष नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी समझते हैं और निभाते भी हैं। दूसरी ओर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) जैसे दलों के नेता अपने कार्यकर्ताओं का प्रचार करने के लिए मैदान में उतरने से भी कतरा जाते हैं और जब इस कमी की और दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठन से कुछ सीखने की सलाह देते हैं तो उनकी आलोचना शुरू हो जाती है।













