हिंदी दिवस हमें देशभक्ति भावना के लिए प्रेरित करता है:प्रमोद
संकल्प सवेरा, जौनपुर। प्रणवम् स्कूल सुजानगंज में मनाया गया हिंदी दिवस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि “राजनीति की पाठशाला” के अध्यक्ष उत्तर प्रदेश व मुंगरा बादशाहपुर विधानसभा से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी डॉ प्रमोद के सिंह ने प्रणवम् स्कूल के छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। ऐसा इसलिए है
क्योंकि इस दिन भारत की संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदू भाषा को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा घोषित किया था। भारत की संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा के रूप में हिंदी को अपनाया। हालांकि इसे 26 जनवरी 1950 को देश के संविधान द्वारा आधिकारिक भाषा के रूप में इस्तेमाल करने के विचार को मंजूरी दी गई।
हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में इस्तेमाल करने के दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।हिंदी दिवस हमें देशभक्ति भावना के लिए प्रेरित करता है। आज के समय में अंग्रेजी की ओर एक झुकाव है जिसे समझा जा सकता है क्योंकि अंग्रेजी का
इस्तेमाल दुनिया भर में किया जाता है और यह भी भारत की आधिकारिक भाषाओं में से एक है। यह दिन हमें यह याद दिलाने का एक छोटा सा प्रयास है कि हिंदी हमारी आधिकारिक भाषा है और बहुत अधिक महत्व रखता है।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री विजय शंकर दूबे ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपनी मातृभाषा का ऋण उतारने के लिए एकजुट होकर हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्वीकार करने के लिए राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से अनुरोध करना चाहिए तथा संसद को इस पर पुनः विचार करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि के रूप में कुलदीप पाण्डेय ने कहा हमें अपनी मातृभाषा के सम्मान के लिए हिंदी भाषा में सभी राजकाज करना चाहिए तथा अपनी मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए। वक्ताओं के क्रम में अजीत शर्मा,सोनाक्षी तिवारी,दिव्या तिवारी आदि वक्ताओं ने कार्यक्रम को संबोधित किया । इस अवसर पर पंकज सिंह,पंकज मणि तिवारी,सुनीता सोनी नीलम सोनी,नीता तिवारी,अस्मिता शुक्ला, निशा बानो,वंदना जायसवाल आदि लोग उपस्थित रहे।













