जो भक्तों के पापों का हरण कर ले वही हरि: प्रमोद त्रिवेदी
तालामझवारा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन के रुकमणि के विवाह प्रसंग पर झूमे श्रोता
संकल्प सवेरा जलालपुर।सर्वेश्वर भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज में अनेकानेक बाल लीलाएं कीं, जो वात्सल्य भाव के उपासकों के चित्त को अनायास ही आकर्षित करती हैं। जो भक्तों के पापों का हरण कर लेते हैं, वही हरि हैं।उक्त बातें शोमवार को तालामझवारा गांव में पंडीत रुद्रप्रसाद पांडेय के आवास पर क्षेत्र कल्याण के लिए चल रही सात दिवसीय श्री मद भागवत महापुराण साप्ताहिक ज्ञान महायज्ञ के छठवें दिन कथा में श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह का आयोजन हुआ, जिसे बड़े ही धूमधाम से मनाया गया।
श्रीमद भागवत कथा के छठवें दिन कथावाचक ने रास पंच अध्याय का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि महारास में पांच अध्याय है। उनमें गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण है। जो भी ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है, वह भव पार हो जाता है।उन्हें वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्त हो जाती है।
कथा में भगवान का मथुरा प्रस्थान, कंस का वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, कालयवन का वध, उधव गोपी संवाद, ऊधव द्वारा गोपियों को अपना गुरु बनाना, द्वारका की स्थापना व रुकमणी विवाह के प्रसंग का संगीतमय भावपूर्ण पाठ किया गया। भारी संख्या में भक्तगण दर्शन हेतु शामिल हुए।
इस मौके पर बृजनारायन पांडेय त्रियुगीनारायण पांडेय,दुबरी चौबे,मोहन,बीरेंद्र यादव,भइयालाल चौबे,केदार सिंह, संतोष सिंह समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।












