समाजसेवा का पर्याय बन गये है ज्ञानप्रकाश सिंह
कोरोना ने समाजसेवा और राजनीति के अंतर को दिखाया
रिपोर्ट राजीव पाठक
जौनपुर,संकल्प सवेरा।राजनीति में आने वाला हर छोटा बड़ा नेता खुद को समाजसेवक बताने में कोई कोर-कसर नही छोड़ता है।लेकिन कोरोना की इस महामारी में समाजसेवा व राजनीति के बीच के अंतर को स्पष्ट कर दिया हैं,जिसकी बानगी देखनी है तो जौनपुर आ जाइए जहां
।। जिले के एक व्यवसायी व समाजसेवी डॉ ज्ञानप्रकाश सिंह ने अपने व्यक्तिगत खर्च से हर उस आवश्यकता को त्वरित रूप से पूर्ण करने का प्रयास किया जो आम जनमानस को तत्काल चाहिए थी। समाजसेवी ज्ञानप्रकाश की टीम सहायता लेकर सीधे जरूरतमंद या जिला प्रशासन के पास पहुंच चुकी होती है।कमोबेश डॉ ज्ञानप्रकाश सिंह को समाजसेवा का पर्याय कहा जाना अतिशयोक्ति नही होगी।
जनपद के लोगों की जुबा पर इस समय एक ही नाम है वो नाम है गोधना निवासी ज्ञानप्रकाश सिंह का जिन्होंने गत वर्ष जब कोरोना महामारी के कारण अचानक लॉकडाउन की घोषणा हुई तो गरीब तबके के लिए दो जून की रोटी का संकट सामने आ गया। इस बात की खबर जब समाजसेवी ज्ञानप्रकाश को लगी तो उन्होंने अपनी टीम को गरीबों की मदद के लिए लगा दिया। उनकी टीम के सदस्यों ने पूरे लॉकडाउन में गाँव-गाँव घूमकर जरूरतमंद लोगों तक भोजन का पैकेट और सेनेटाइजर का वितरण किया।
इस साल कोरोना की दूसरी लहर ने जब दस्तक दी तो जिला फिर एक बार इस महामारी से जूझ उठा। कोरोना की चपेट में लोग आते गए ।ऐसे में जब जिले भर से खबरे आने लगी तो ज्ञान प्रकाश सिंह ने तो दो हाई नेज़ल फ्लो वेंटीलेटर और पांच ऑक्सीजन कंसट्रेटर को तत्काल अपने टीम के हाथों जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दिया
जिससे मरीजो को ऑक्सीजन की कमी ना होने पाए। ।
श्री सिंह द्वारा किये गए कार्यो की अभी लोग सराहना कर ही रहे थे कि फिर एक बार फिर ये खबर आई कि अब ज्ञानप्रकाश की तरफ से कोरोना दवा किट फ्री में लोगों को बाटी जाएगी। लगभग हजारों की संख्या में किट जनपद में आ गई है जो गरीबों और जरूरतमंदो में वितरित की जाएगी। कुल मिलाकर इस कोरोनकाल मे जनपद के लोगों के लिए श्री सिंह बड़े मददगार के रूप में सामने आए है।
जिले के हर आम-ओ-खास की जुबा पर इस समय ज्ञानप्रकाश सिंह का ही नाम है। लोग उनके द्वारा किये गए कार्यों की सराहना करते नहीं थक रहे हैं।
डॉ ज्ञानप्रकाश के गत एक वर्ष में किये गए कुछ विशेष कार्य-
1.गतवर्ष कोरोना पहली लहर के लॉक डाउन में लगातार प्रतिदिन गरीबो में भोजन वितरण का कार्यक्रम।
2.श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ इक्कीस लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपये का दान।
3.13 वर्षीय दिव्यांग बच्चे के लिये इम्पोर्टेड पैर लगवाए।
4.अहमदपुर के छात्र रितिक पांडेय को ऑनलाइन पढ़ाई के लिये जानकारी मिलते ही तुरंत नया लैपटॉप खरीदकर दिलवाया।
5.जनपद के बेरोजगार युवकों को रोजगार दिलवाने के साथ उनके आने जाने का पूरा खर्च भी उठाते हैं।गत वर्ष टिकट न मिल पाने पर 20 युवकों को इंडिगो फ्लाइट से भेजा गया ।
6.दो हाई नेजल फ्लो वेंटिलेटर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया।
7.पांच ऑक्सिजन कंसेंट्रेटर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया।
8.कोरोना मेडिकल किट आम जनमानस में बांटने के लिए।
टीम पहुचाती सहायता।
डॉ ज्ञानप्रकाश सिंह की बगैर शोर मचाये किये जाने वाले सहयोग उनको लोकप्रिय बना रहे हैं।
इसका जीता जागता उदाहरण तब देखने को मिला जब गत दिनों में जब जिले के मरीजो को ऑक्सिजन संकट से जूझना पड़ रहा था तो बगैर किसी लब्बोलुआब व कार्यक्रम के ज्ञानप्रकाश स्वयं ना आकर अपनी टीम के हाथों ही वेंटिलेटर व ऑक्सिजन कंसेंट्रेटर जिलाधिकारी के पास उपलब्ध करवा दिया।
ज्ञानप्रकाश सिंह के सामाजिक कार्यों को समय पर उपलब्ध कराने में उनकी टीम की महती भूमिका रहती है जिसकी जिले में कमान सौंपी रूपेश रघुवंशी’शिवा’ के हाथों में रहती है।












