वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना तीसरा बजट पेश करने जा रही हैं। किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने के अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार इस बार बजट में किसानों को लेकर कई बड़े ऐलान कर सकती है। माना जा रहा है कि इस बार सरकार कृषि लोन को बढ़ाकर 19 लाख करोड़ कर सकती है। साल 2020-21 के लिए सरकार ने 15 लाख करोड़ रुपये का कृषि लोन का लक्ष्य रखा था।
खबरों के मुताबिक सरकार कृषि लोन का लक्ष्य 25 फीसदी तक बढ़ा सकती है। सरकार हर बजट में कृषि लोन के लक्ष्य को बढ़ाती है। हालांकि सरकार हर बार अपने लक्ष्य से अधिक लोन किसानों को देती है। वित्तवर्ष 2017-18 में सरकार का टारगेट 10 लाख करोड़ का था, लेकिन किसानों को कुल 11.68 लाख करोड़ रुपए कर्ज दिया गया।
किसान क्रेडिट कार्ड
सरकार इस बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को बढ़ा सकती है। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए सरकार किसानों को कम ब्याज पर लोन देती है। इसके तहत किसान को खेती के लिए तीन लाख रुपये तक का ऋण मिलता है। इसमें सरकार किसानों को 2 फीसदी ब्याज सहायता मुहैया कराती है।
पीएम किसान योजना
माना जा रहा है कि सरकार पीएम किसान योजना के तहत दी जाने वाली राशि को भी बढ़ा सकती है। फिलहाल सरकार किसानों को हर चार महीने में 2 हजार रुपए की किस्त देती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार इसे तीन हजार कर सकती है। यानी साल में मिलने वाले 6 हजार रुपए बढ़कर 9 हजार हो सकते हैं।
पिछले बजट में वित्त मंत्री ने कहा था किसान और ग्रामीण गरीबों पर सरकार मुख्य रूप से ध्यान देगी। वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए, उन्होंने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 6.11 करोड़ किसानों का बीमा करके सरकार उनके जीवन में उजाला कर चुकी है। वर्ष 2020-21 के लिए 15 लाख करोड़ रुपये का कृषि लोन का लक्ष्य रखा गया है।












