जदयू के जनाधार को धार देने में लगे पूर्व सांसद

जेड़ हुसैन बाबू
संकल्प सवेरा,जौनपुर। जिले में जनता दल यूनाइटेट (जदयू) का जनाधार बढ़ाने के लिए पूर्व सांसद धनंजय सिंह पूरे जिले से लेकर लखनऊ तक दौरा कर रहे हैं। जदयू ने उन्हे पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव घोषित कर जनपद ही नहीं पूरे प्रदेश में अपनी बढ़त चाह रही है। पूर्व सांसद धनंजय अपने व्यक्तित्व और कृतित्व के बल पर सन् 2002 में पहली बार रारी विधानसभा से चुनाव लड़कर पूर्व मंत्री और सपा के कद्दावर नेता श्रीराम यादव को पराजित कर लखनऊ पहुंचे थे।
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2007 के विधानसभा के आम चुनाव में भी अपने बलबूते चुनाव लड़कर दूसरी बार विधायक बनें। दो साल बाद सन् 2009 लोकसभा के आम चुनाव में बसपा ने टिकट देकर जौनपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा था और चुनावी गणित के तहत इन्होंने सपा, भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियो को पीछे करते देश की सबसे बड़ी पंचायत में जा पहुंचे।
एमपी चुने जाने के बाद रारी विधानसभा विधायक पद जब रिक्त हुए तो पूर्व संासद ने अपने पिता को उपचुनाव में उतारकर अधिकतम मतों से जीत दर्ज करवाई। धनंजय सिंह मात्र रारी ही नहीं पूरे जनपद के एक ऐसे नेता हैं जिनके पास युवाओं और समर्थको की लंबी टीम है। सन् 2002 से लेकर अब तक इन्होंने जिले की राजनीति में एक अलग मुकाम बनाया है। विगत दो बार विधान परिषद के हुए चुनाव में भी अपने प्रत्याशी को जिताने में सफल रहे। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भी अपनी राजनीतिक रणनीति के तहत पत्नी श्रीकला धनंजय सिंह को जिले का प्रथम नागरिक बनाने में कामयाबी हासिल की।
जनता दल यू ने पार्टी का प्रमुख पद देकर प्रदेश में जनाधार बढ़ाने के प्रयास में है। इसी के तहत पूर्व सांसद गृह जनपद से लेकर प्रदेश के कोने-कोने तक अपने समर्थकों को एकजुट करने में जुटे हैं। परिणाम चाहे जो निकले लेकिन यह सत्य है कि कम उम्र में राजनीति में आये धनंजय सिंह आज प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाये हुए हैं।
लोगों का कहना है कि जौनपुर जिले में जितने भी ग्राम पंचायत हैं उनमें कम से कम दर्जनों समर्थक इनके साथ हर समय खड़े रहने वाले हैं। यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में जिले के साथ-साथ कई अन्य जनपद में भी जदयू की राजनीतिक पकड़ और मजबूत होने की प्रबल संभावना है।












