पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कार्य परिषद के सदस्य डॉ.अपरबल राम का निधन
जौनपुर,संकल्प सवेरा।हिंदी के साहित्यकार व पूर्व प्राचार्य डॉक्टर अपरबल राम के निधन पर शिक्षकों , पूर्व प्राचार्य और नेताओं और अन्य ने रविवार को शोक जताया।
वीर बहादुर सिंह पूर्वान्चल यूनिवर्सिटी के कार्य परिषद के सदस्य व 80 वर्षीय डॉ.अपरबल राम ने शनिवार की सुबह वाराणसी स्थित पहाड़ियां अपने आवास में आखिरी सांस ली।
गणेश राय पीजी कॉलेज डोभी के पूर्व प्राचार्य डॉक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने शोक व्यक्त करते हुए कहा- हिंदी साहित्य में नए प्रतिमान स्थापित करने वाले डॉ. अपरबल राम के निधन से गहरा दुःख हुआ। उनका जाना केवल हिंदी ही नहीं अपितु सभी भारतीय भाषाओं के साहित्य के लिए एक बहुत बड़ा आघात है। शोकाकुल परिवार व संपूर्ण हिंदी जगत के प्रति मेरी संवेदनाएं। डॉ.बीएल यादव ने कहा, उन्होंने अपनी आलोचना के साथ हिंदी साहित्य को नई दिशा दी। अपरबल राम का जाना साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्यवक डॉ. राकेश कुमार यादव ने अपरबल राम के निधन को निजी क्षति बताया।उन्होंने कहा, “असहमतियों के बावजूद भी..वह लोगों को सम्मान और स्थान देना जानते थे। उनका निधन हिंदी जगत और हमारे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
विवेक रंजन सपा प्रदेश सचिव ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि समता पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. अपरबल राम यादव का जाना एक युग के अंत के समान है। उनकी कार्यशैली और जीवन हम सभी के लिए
प्रेरणाप्रद है। उन्होंने केवल पढ़ाया नहीं बल्कि सिखाया भी। अपरबल राम से कई चीजें सीखीं, जो करनी चाहिए, कई जो नहीं करनी चाहिए। मेरे लिए, वे हर हाल में सिखाने वाले रहे।












