जौनपुर में तथाकथित दलित चिंतक और समाजसेवी दिलीप राय बलवानी पर लखनऊ के विभूतिखंड थाना में धारा 420 और 406 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. तथाकथित समाजसेवी और दलित चिंतक पर आरोप है कि लखनऊ में प्रॉपर्टी दिलवाने के नाम पर अपने फर्म प्रिया इंफ्रावेंचर विभूतिखंड लखनऊ के कार्यालय में नगद और खाते में कुल 7.50 लाख रुपये लिए थे. डॉ परमेंद्र सिंह बार-बार अपनी जमीन और पैसे के लिए उनसे संपर्क करते रहे लेकिन हीला हवाली करते हुए ना तो दिलीप राय बलवानी ने जमीन दिलवाई और ना ही उनके पैसे वापस किए.
काफी संघर्ष के बाद दिलीप राय बलवानी ने डॉ परमेंद्र को चार लाख और 3:50 लाख का चेक दिया लेकिन भुगतान नहीं हुआ. चेक बाउंस हो जाने के कारण डॉ. परमेन्द्र ने आज़िज़ आकर इसकी शिकायत पुलिस में कर दी. पीड़ित द्वारा जब भी संपर्क किया जाता तो दिलीप राय बलवानी उसे अपने बाहर होने का हवाला दे देता था.
इतना ही नहीं बल्कि कथित समाजसेवी द्वारा प्रिया इंफ्रावेंचर का गलत पता दिया गया और डॉ परमेंद्र सिंह के सभी मोबाइल नंबर को ब्लॉक कर दिया गया. इससे तंग आकर डॉ परविंद्र ने विभूतिखंड थाने में तहरीर दी. 10 दिसंबर को धारा 420 और 406 के तहत पति पत्नी पर इस संबंध में मुकदमा दर्ज हो गया.
जनपद में दिलीप राय बलवानी समाज सेवा के नाम पर समय-समय पर कंबल और अन्य चीजों का वितरण कर वाहवाही बटोरता रहता है. लंबे समय से दिलीप राय बनवाने की गतिविधियां संदिग्ध है. इससे पूर्व भी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामलों की चर्चा है.
इस मामले के प्रकाश में आने के बाद जनपद में यह चर्चा आम हो गई है कि समाज सेवा के नाम पर कैसे दिलीप राय बलवानी द्वारा ठगी की जाती है. जौनपुर में अच्छे मीडिया मैनेजमेंट के दम पर उसने अपनी छवि समाजसेवी के रूप में स्थापित कर रखी है मगर उसके ठगी के कारनामों की फेहरिस्त समय-समय पर बाहर आ जाती है. कुछ दिनों पूर्व मल्हनी उपचुनाव के नामांकन में दिलीप राय बलवानी सत्ता पक्ष के प्रत्याशी के साथ उपस्थित था और जोर शोर से प्रचार प्रसार में जुटा हुआ था.
साभार cleanboldnews












