राम वन गमन देख भर आयी आंखें
खुटहन,संकल्प सवेरा ।आदर्श रामलीला धर्ममण्डल उसरौली शहाबुद्दीनपुर के द्वारा बुधवार की रात राम वन गमन,केवट संवाद व दशरथ मरण का सजीव मंचन किया गया। दर्शक मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के त्याग, समर्पण, कर्तव्य परायणता देख द्रवित हो गये। वहीं पुत्र वियोग में दशरथ को प्राण त्यागते देख खुद के आशू नहीं रोक सके। केवट का निस्वार्थ अगाध प्रेम व श्रद्धा देख पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया।
रामलीला का शुभारंभ सुल्तानपुर जिले के करौंदीकला के थानाध्यक्ष मो अकरम खान ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम की नर लीला एक आदर्श संस्कृति और संस्कार का द्योतक है। आज के परिवेश में यह और भी प्रासंगिक हो गया है। पाश्चात्य सभ्यता हमारे सनातन संस्कृति को कमजोर कर रहा है। रामलीला हमें अपने धर्म के स्वर्णिम इतिहास का सदैव स्मरण कराता रहता है। इस मौके पर कृष्ण कुमार चौबे, राधेश्याम उपाध्याय, गुड्डु सिंह,अनिल पाण्डेय, अजय जी महाराज, आशीष शुक्ला, शुशांत पाण्डेय, शुभम पाण्डेय, गुलाब सिंह,आदि उपस्थित रहे।












