लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने यूपी में बिजली व्यवस्था को लेकर हमला बोला है. अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली मीटर खरीद सबसे बड़ा घोटाला है. उन्होंने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा द्वारा साइकिल चलाकर दफ्तर जाने और लखनऊ के तमाम उपकेंद्रों का निरीक्षण करने को ध्यान बांटने का नाटक बताया. अखिलेश यादव ने कहा कि ऊर्जा मंत्री साइकिल चलाकर नाटक कर रहे हैं. दिवाली बाद बिजली महंगी (Electricity Tariff Hike) करने की तैयारी की गई है.
बता दें कि ऊर्जा मंत्री ने ऐलान किया है कि वह अपने सरकारी आवास से दफ्तर साइिकल से ही जाएंगे. पिछले कुछ दिनों से रोज वह ऐसा कर भी रहे हैं. यही नहीं काम के दौरान ऊर्जा मंत्री शहर के किसी भी इलाके में निकल जाते हैं और उस क्षेत्र के बिजली सब-स्टेशन की समीक्षा करते हैं. इस दौरान बिजली बिल बकाया को लेकर ऊर्जा मंत्री उस क्षेत्र के लोगों से मिलते हैं और समय पर बिल देने की अपील करते हैं.
‘दिवाली बाद झटका देने की तैयारी’
अखिलेश ने कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं को तबाह करने की साजिशें शुरू हैं. जनता को महंगी बिजली देने का मन बनाए ऊर्जा मंत्री चलाचली की बेला में साइकिल की सवारी करके और खुद ही बकाया वसूली करके जनता का ध्यान बंटाने का नाटक कर रहे हैं. जनता से धोखाधड़ी में पारंगत भाजपा सरकार उपचुनावों के मद्देनज़र चुप्पी साधे रही. अब दिवाली बाद महंगी बिजली का झटका देने की तैयारी है. भाजपा सरकार 80 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं पर और बोझ डालेगी, जबकि ज्यादा बिजली खपत करने वालों पर राहत बरसेगी. इससे पहले भी बिजली दरों में वृद्धि की जा चुकी है. ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू तथा किसानों के नलकूप की बिजली दरों में भारी बढ़ोत्तरी हो चुकी है.
‘ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति 4-6 घंटे ही’
अखिलश यादव ने कहा कि प्रदेश में लगभग 10 करोड़ से ज्यादा बिजली उपभोक्ता हैं. भाजपा सरकार ने विद्युत के क्षेत्र में गहरी उदासीनता और अक्षमता का परिचय दिया है. भाजपा सरकार में एक यूनिट बिजली का उत्पादन नहीं हुआ. अघोषित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति मांग के मुकाबले 4-6 घंटा ही हो रही है. समाजवादी सरकार ने विद्युत क्षेत्र में जो सुधार किए थे उन्हें निष्प्रभावी बनाया जा रहा है.












