रिर्पोट आकाश मिश्रा
जौनपुर मल्हनी उपचुनाव में आज श्रीकला धनन्जय ने नामांकन करके आज सबको चौका दिया है। आज सुबह कचहरी पहुँच कर उन्होनें नामांकन किया नामांकन के दौरान पत्रकारों के प्रश्न का जबाब देते हुए उन्होंने कहा आप को दो दिन बाद पता चलेगा कि मैंने नामांकन क्यो किया है। राजनितिक अनुमान लगा रहे हैं कि अगर श्रीकला के पति के चुनाव में कोई अड़ंगा आएगा तो वो चुनाव लड़ेंगी। 
दूसरा अनुमान ये है कि श्रीकला धनन्जय बहुत जोर शोर से प्रचार कर रही है उनकी लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा हैए जहां जाती हैंए समर्थकों का हुजूम निकल पड़ता हैए चुनाव आचार संहिता के कारण आगे उनको कठिनाई हो सकती है। अगर स्वयं प्रत्याशी होंगी तो प्रशासन उनको प्रचार की अनुमति दे देगा कुल मिलाकर श्रीकला धनन्जय निर्दल लड़कर अपने पति के लिए प्रचार कर सकती हैं। वही समाजवादी पार्टी के प्रत्यासी लकी यादव की पत्नी ने भी कल निर्दल नामांकन करके सबको चैकाया था अब ऐसा लगता है पत्नियों ने पति को संभालने की जिम्मेदारी ले ली है।
लोग चर्चा कर रहे कि श्रीकला धनंजय चुनाव प्रचार में उतर कर जिस तरह का माहौल बना रही थी वो विरोधियों के लिए चिंता का विषय बन गया थाए उसी को देखते हुए लकी यादव ने भी अपनी पत्नी को मैदान में उतार दिया है उन्हें लगा कि कही श्रीकला धनन्जय बहू औऱ भाभी की आंधी बन के देवरों के सहारे पूरे परिवार को ना उड़ा ले जाएं।
अपने समाज के नवयुवकों को रोकने के लिए लकी यादव ने भी दांव खेला है लेकिन श्रीकला धनन्जय का आकर्षण वो पैदा कर पाएंगी ये मुश्किल है। अमेरिका से पढ़ाई करने के बाद भी श्रीकला धनन्जय ने अपना जो ब्यवहार धरातल पे दिखाया हो वो बिरला ही देखने को मिलता है ना कोई बनावट ना कोई नखराए क्या अमीर क्या गरीब प्रेम से सबसे गले मिलती हैं।
आंध्र प्रदेश की रहने वालीए ;अब तेलगांना जहाँ के लोग मुश्किल से हिंदी बोल पाते हैं वहाँ श्रीकला धनन्जय ने भोजपुरी बोलना सुरु कर दिया है जब कहती हैं… हो अम्मा तोहार लड़िका लडत बाए वोट देबू महिलाओं के चेहरे पे संतोष आ जाता है। खुद धनन्जय सिंह भी पहले इतने जादा विनम्र नही थेए प्यार के बाद भी नौजवान उनको दबंग के नाते सहम के देखता था लेकिन इस बार उन्होंने अपने छोटे भाइयों के लिए जो प्यार दिखाया है वो श्रीकला धनञ्जय के असर को दिखाता है।
मल्हनी का चुनाव रोज करवट बदल रहा हैए जनमानस मे चुनाव की हीरो श्रीकला बन गई है दोनो दमदार प्रत्यासियो की पत्नीयो के आ जाने से अब ऐसा लगता है कि मल्हनी का चुनाव बहुओं के भरोसे ही लड़ा जाएगा।












