निर्दलीयों का दल किस करवट बैठेगा बना यक्षप्रश्न
रिपोर्ट :-राजीव पाठक
जौनपुर,संकल्प सवेरा। सूबे में त्रिस्तरीय चुनाव के परिणाम आते ही एक तरफ जहां सत्तारूढ भाजपा के माथे पर चिंता की लकीरें ला दी हैं तो वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए धनबल व बाहुबल की राजनीति गरमाने लगी है।कोरोना महामारी पर भारी इस वर्चस्व की बीमारी में किसका पलड़ा भारी होगा ये तो कुछ दिनों में खुल जायेगा लेकिन इस सबके बीच समाजसेवा वाली राजनीति जरूर दम तोड़ देगी।www.sankalpsavera.com
जनपद के त्रिस्तरीय चुनावों में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी महिला सीट आरक्षित होते ही तमाम माननीयों ने आधी आबादी को उनका हक दिलाने का दम्भ भरते हुए खुद की जगह घर की महिलाओं को सामने कर चुनावी समर में उतार दिया।आंकड़ो पर गौर करें तो जिले की 83 जिला पंचायत सदस्य सीट के लिए जहाँ एक तरफ भाजपा व बसपा ने अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी थी तो वही कांग्रेस ने इस चुनाव से दूरी ही बना ली तो सपा ने बाहर से समर्थन तो दिया लेकिन किसे दिया? ये पत्ते नही खोले,ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या में भारी इजाफा हो गया।www.sankalpsavera.com
परिणामो की सूची पर गौर करें तो कुल 83 सीट पर घोषित परिणाम में भाजपा को तगड़ा झटका देते हुए जनता जनार्दन ने महज 10 सीट पर लाकर उतार दिया तो वही बसपा के भी 10 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।जबकि अपना दल के 6 आम आदमी पार्टी के 3,एआईएमआईएम व उलेमा कौंसिल के 1-1समेत 52 निर्दल प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है।वहीं परिणामो की घोषणा होते ही 52 निर्दलीयों में से 41 को सपा समर्थित प्रत्याशी बताते हुए समाजवादी पार्टी ने अध्यक्ष की कुर्सी अपने पास रखने की दावेदारी ठोंक दी है।जबकि अपने प्रत्याशियों की हार के बावजूद निर्दलीयों को काबू करके अध्यक्ष की कुर्सी के लिए भाजपा भी पीछे हटने वाली नही है।www.sankalpsavera.com
जन चर्चाओं की माने तो भाजपा की तरफ से पुर्व सांसद हरिवंश सिंह की पुत्रवधू मैदान में है।वहीं बीते दो चुनावों में भाजपा से टिकट की आस लगाए पूर्व सांसद धनंजय सिंह इस बार पूरे तेवर में आकर अध्यक्ष की कुर्सी पर अपनी पत्नी को बैठाने के लिए जुटे हुए हैं।अध्यक्ष की कुर्सी की इस त्रिकोणीय लड़ाई में ये तो तय है कि सारी बाजी निर्दलीयों के हाथ मे है,लेकिन सभी निर्दलीयों को हाथों हाथ लेकर एक साथ कौन साध पायेगा इसको लेकर संशय गहराता ही जा रहा है।
जहाँ सपा द्वारा 52 में से 41 निर्दलीय उनके समर्थित प्रत्याशी की घोषणा करके जादुई आंकड़े 44 के लिए महज 3 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता के साथ आश्वस्त है ।सपा की तरफ से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती देवी के घर से चार लोगों ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता है जिसके चलते इस परिवार की अध्यक्ष के लिये दावेदारी शुरू हो गयी है,चूंकि निवर्तमान अध्यक्ष राजबहादुर यादव की पत्नी सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला सिंह से चुनाव हार गई हैं।www.sankalpsavera.com
वहीं उनके द्वारा सपा समर्थित निर्दलीयों की सूची जारी ना किया जाना भी गेम प्लान है ।जबकि भाजपा अपनी सत्ता की हनक से 28 निर्दलीयों को अपनी तरफ मोड़ने के लिए जी जान से जुटी है,क्योंकि अपना दल के जीते 06 प्रत्यशियों से भाजपा पूरी तरह आश्वस्त होगी,ऐसे में पूर्व सांसद हरिवंश सिंह की पुत्रवधू को जिले की प्रथम महिला बनाने के लिये राजनैतिक दिग्गज जुटे हुए है।
वही बाहुबली सांसद धनंजय सिंह की पत्नी ने जहां निवर्तमान अध्यक्ष राजबहादुर यादव की पत्नी को सदस्य के चुनाव में हराकर पूर्व में ही यह जता दिया था कि वे चुनाव अध्यक्ष की कुर्सी के लिये लड़ रहे हैं ना कि सदस्य बनने के लिये,के दावे को पुख्ता कर दिया है,वही परिणाम आते ही बाहुबली पूर्व सांसद अध्यक्ष की कुर्सी के लिए सभी निर्दलीयों को साधने में जुटे हैं।
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निर्दलीयों का दल किस करवट बैठेगा ये तो वक़्त ही बताएगा लेकिन कोरोना जैसी महामारी से जब पूरा जिला जूझ रहा है तो उस समय जिले का प्रथम नागरिक बनने के लिए बाहुबल व धनबल का खेल चल रहा है ।












