संकल्प सवेरा हे:– देश के सौ बडे खरबपतियो क्या आपको इस जानलेवा भयंकर महामारी से मानवीय बेदना के गर्भ से पैदा होने वाली चित्कार सुनाई नही पड रही है ? क्या आपने अपनी आखो पर पटटी बाध रखा है कि छोटे छोटे बच्चे महिलाये और बुढे अपने अपने मा बाप जिगर के टुकडे अपने बच्चो को मरे हुए विलाप करते हुए अपने कंधो, ढेलो, रिक्सो और साइकिलो से असमशान घाट तक नही पहुचा रहे है ? सीधी सी बात आपको समझ मे क्यो नही आ रही है !
अधिकांसतः लोग आक्सीजन की कमी या अन्य प्राण रक्षक संसाधनो की कमी से ही मर रहे है ? शायद आप यह बात भूल रहे है कि इस देश के होनहार नौजवानो और गरीब जनता के बौद्धीक और शाररिक श्रम और सरकारी एवं प्राकृतिक संसाधनो का शोषण करके ही आप खरबपति बन बैठे हो ! अभी भी वक्त है अपनी अपनी आखो की पटटी खोले दिल के मुहाने पर जो पथ्थर रखे हो उसे हटाओ !
इस महामारी क समय देश को बचाने के लिए अपने अपने तिजोरी का मोह खोलकर अस्पताल आक्सीजन एवं अन्य प्राण रक्षक संसाधनो का उत्पादन और आपूर्ति करो अन्यथा इसकी जनता और सरकार आपसे हिसाब अवश्य करेगी और जिस दिन हिसाब होगा उस दिन छाती पीटकर रोओगे और जमाना देखेगा !
हे”– धर्म मे नशा बेचने वालो जिवन की कला सिखाने वालो और खुदा के अशियाने मे प्रवेस पाने की सार्टीफिकेट देने वालो भावनाओ का शोषण करने वाले धर्मगुरूओ क्या तुम्हे भी मा भारती के आखो से आशुओ की धारा और मृत्य आत्माओ की चित्कार और धिक्कार दिखाई और सुनाई नही पड रही है
जो तुमने हमारी भावनाओ का शेषण करके धर्म के नाम पर बेनामी के सामाज्य खडा किए हुए हो उस सामाज्य को तत्काल सरकार के हवाले कर दो ताकि इस महान देश को इस जानलेवा संकट से बचाया जा सके अन्यथा तुमसे भी यह देश एक ना एक दिन हिसाब अवश्य करेगी ! अन्त मे माननीय केन्द्रीय और प्रान्तीय सरकार एवं समूचे विपक्ष से मेरी अपील है कि यह यमय व्यक्तिगत नुक्ता चिनी और आरोप प्रत्यारोप का नही है यदि सिस्टम फेल हुआ है तो इसके लिए सभी जिम्मेदार है सिस्टम को सरकार ही पैदा करती है ! इसके लिए सरकार भी दोषी है ! मै केवल इतना ही सुझाव देना चाहूंगा कि आनेवाले समय मे महामारी बढेगी जिससे मृत्यु की बढने की सम्भावना भी है जिस कारण जनता हरास और निरास है !
इसके लिए तत्काल केन्द्रीय मंत्री परिषद की बैठक हो और पूरे देश के सिस्टम को सेना के हवाले कर दिया जाय ताकि युद्ध स्तर पर प्रत्येक जिलो मे हास्पीटल बेड का निर्माण तत्काल हो सके और प्राण रक्षक संसाधनो दवाओ की आर्पूर्ती सुनिश्ति हो सके ! हमारी सेना पुलिस और प्रसासन को मदद देकर स्थित को कन्टोल कर सकती है ! और साथ ही साथ सभी मित्र राष्टो से सहयोग लेते हुए प्राणरक्षक दवाओ और अन्य संसाधनो की आपूर्ति सुनिश्चित की जाये !
प्रत्येक जिलो मे तात्कालिन प्रभाव से प्रबुद्धजनो की पांच सदस्यी कमेटी बना दिया जाये जो प्रशासन को सलाह दे सके और पूरी व्यवस्था की मानिटरिंग कर सके यह कमेटी दुख दर्द से पीडित जनता और प्रशासन के बीच सेतु का काम करेगी !
अन्यथा:-–
का बरसा जब कृषि सुखानी
लेखक
वशिष्ठ नारायण सिह
समाजवादी चिंतक
जौनपुर उत्तर प्रदेश
मो0 8601190603












