सरदार सेना ने सांसदों को सौंपा छ: सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन
जौनपुर-जिले में सरदार सेना सामाजिक संगठन ने ओबीसी,एससी-एसटी के आरक्षण/अधिकारों पर वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे लगातार कुठाराघात को लेकर उत्तर प्रदेश के तमाम जनपदों में सम्पूर्ण भागीदारी आंदोलन के तहत एक दिवसीय सांसदों के घर /कार्यालय का घेराव कर आंदोलन किया यह आंदोलन सरदार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डां आर एस पटेल के निर्देश पर जिलाध्यक्ष अरविन्द कुमार पटेल के नेतृत्व में किया गया!इस कार्य क्रम के दौरान सदर लोक सभा क्षेत्र के सांसद श्याम सिंह यादव के आवास पर पहुंचकर उनके भाई राम सिंह यादव जी को ज्ञापन सौंपा गया व मछलीशहर लोक सभा क्षेत्र के सांसद बीपी सरोज के सतहरिया कार्यालय पर पहूचकर उनके पुत्र प्रमोद सरोज को छः सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया तथा ज्ञापन के माध्यम से मांग किया गया कि इन सभी मांगों को लेकर संसद में आवाज उठाने का कार्य करें नहीं तो सरदार सेना के कार्यकर्ता उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे तथा उस आंदोलन में किसी भी प्रकार की क्षति हुई तो उसका सम्पूर्ण जिम्मेदारी सांसदों की होगी
बताते चलें कि वर्तमान सरकार के जातिगत रवैये से क्षुब्ध सरदार सेना के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को अपने घरों से निकलकर अपनी आवाज को संसद तक पहुंचाने हेतु तमाम जनपदों में सांसदों का घेराव कर अपनी 6 सूत्री मांग को उनके समक्ष रखा गया इस दौरान जिलाध्यक्ष अरविन्द कुमार पटेल ने कहा कि लगातार ओबीसी,एससी,एसटी के साथ दोहरी नीति अपनाई जा रही है हमारे अधिकारों पर कुठाराघात किया जा रहा है जबकि 49.5%ही आरक्षण सम्पूर्ण वंचितों को प्राप्त हो पाया और 50.5०/०में सवर्ण वर्ग देश भर के तमाम नौकरियों में अकेले नंगा नाच रहा है! इसके बावजूद भी वर्तमान मोदी सरकार अपने पिछले कार्यकाल में 10% आरक्षण आर्थिक आधार पर सर्वणों को अलग से दे दिया जबकि सर्वण समाज पहले से ही सामाजिक शैक्षणिक व आर्थिक रूप से संपन्न है इतना ही नहीं आरक्षण विरोधी सरकार के इशारे पर देशभर की अदालतों में बैठे मनुवादी न्यायाधीशों द्वारा समस्त वंचित वर्गों के प्रतिनिधि के नाम पर ठगने व धोखा देने का काम किया जा रहा है देश के सम्पूर्ण वंचित वर्गों के साथ धोखा है हमारे अधिकारों पर बार-बार कुठाराघात इस लिए होता है कि हमारे द्वारा चुने गए सांसदों को हमारी चिंता ही नहीं सदन में इनकी आवाज नहीं खुलती और यह अपने मौज में मस्त हैं इस लिए आज हम अपने अधिकारों हेतु 6 सूत्री मांगों सहित सांसदों का घेराव किया!इस दौरान ज्ञापन सौंपते हुये यह मांग किया गया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा वंचित वर्गों के प्रमोशन में आरक्षण पर रोक लगा दी गई साथ ही आरक्षण को संविधान प्रदत्त अधिकारों की वजह प्रदेश सरकार की कृपा से मिली खैरात बना दी गई सुप्रीम कोर्ट के इस सामंतवादी आदेश को तत्काल निरस्त कराया जाय तथा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा वंचित वर्गों के ओवर लैपिंग को समाप्त कर दी गई आखिर क्यों अत: यह मांग किया जाता है कि उपरोक्त निर्णय को तत्काल निरस्त कराया जाय! और इसके साथ एनपीआर की कोई जरूरत नहीं बल्कि केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय जातिगत जनगणना तत्काल करायी जाय ताकि सभी समस्त वंचित वर्गों की सम्पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की जा सके और सामाजिक शैक्षणिक और आर्थिक दृष्टि कोण से देश में समानता लागू हो सके! और इसके साथ भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय न्यायिक सेवा आयोग तत्काल गठित किया जाय क्यों कि प्रदेश के हाईकोर्ट व देश के सुप्रीम कोर्ट के तमाम मनुवादी न्यायाधीशों द्वारा वंचित वर्गों के अधिकारों पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है इस लिए राष्ट्रीय से न्यायिक सेवा आयोग बनाकर वंचित वर्गों को आबादी के अनुपात में निचली अदालत से लेकर शीर्ष अदालत तक सभी पदों पर सम्पूर्ण प्रतिनिधित्व लागू किया जाय! तथा देश भर के सभी सरकारी संस्थानों अथवा संविदा या अर्ध सरकारी संस्थानों में निम्न से लेकर उच्च सभी पदों पर वंचित वर्गों की आबादी के अनुपात में सम्पूर्ण प्रतिनिधित्व लागू किया जाय इसके साथ ही वंचित वर्गों के अधिकारों का हनन 1950 से लेकर अब तक जिन-जिन विभागों में हुआ है उन सभी विभागों में आबादी के अनुपात में बैकलॉग नियुक्ति तत्काल लागू करायी जाय ताकि सभी लोगों को बराबर का अधिकार मिल सके इस दौरान विजेद्र मौर्य,सुबास प्रजापति,मुन्ना पटेल, त्रिभुवन पटेल,राजकुमार पटेल,अमर बहादुर चौहान,लवकुश पटेल,उमेश मौर्य,सजय मौर्य,विकास पटेल,सुरज,आदित्य पटेल,इन्द्रेश पटेल,त्रिभुवन,अहकू गौड़,बृजेश कुमार,देवेन्द्र पटेल,अमन गौतम,परमेश पटेल,बृजेन्द्र पटेल,किशन,सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे!











