ड्राई रन से लेकर अब तक टीकाकरण को सफल बनाने में कोल्ड चेन मैनेजर की अहम् भूमिका
तीन सहयोगियों को आंकड़े अपलोड करने में बनाया दक्ष
अबजाद ने वैक्सीन यूटिलाइजेशन रिपोर्ट उपलब्ध कराना बनाया आसान
जौनपुर, संकल्प सवेरा। जिले में दो बार सफल ड्राई रन का संचालन व कोविड-19 टीकाकरण की शुरुआत से अब तक जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डीआईओ) डॉ नरेंद्र सिंह के साथ अच्छा तालमेल बनाकर बेहतरीन प्रबंधन किया और मौजूद टीके की हर जगह उपलब्धता सुनिश्चित कराई। अब तक जिले को करीब 2.88 लाख डोज टीका मिल चुका है और 2.75 लाख लोगों को टीके की डोज लग चुकी है । टीके की बर्बादी मात्र डेढ़ प्रतिशत रही, जिसे सबसे बेहतर स्थिति माना जा रहा है।
यह सब संभव हुआ है यूएनडीपी के जिला कोल्ड चेन मैनेजर अबजाद शेख की सक्रियता से। जौनपुर में टीके की बर्बादी मात्र डेढ़ प्रतिशत है। समीक्षा में इसे अच्छी स्थिति माना जा रहा है। इसके लिए कोविड-19 ड्राई रन के दौरान ही अच्छी खासी पहल हुई थी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के साथ डमी वैक्सीन को जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए खासा विचार-विमर्श किया था। जिस किसी भी केंद्र पर दिक्कत आई, मौके पर जाकर तकनीकी सहयोग दिया। उन्होंने तीन सहयोगियों दिनेश कुमार मौर्या, रोहित कुमार विश्वकर्मा और कुलदीप श्रीवास्तव को डाटा इंट्री में दक्ष बनाया। हालांकि इसमें से रोहित विश्वकर्मा अपने पुराने स्थान धर्मापुर ब्लाक लौट चुके हैं।
इस मेहनत का नतीजा यह रहा कि उपलब्ध टीके के आधार पर जिले का कोविड टीकाकरण हमेशा बेहतर स्थिति में रहा है। जिस स्वास्थ्य केंद्र पर अगले दिन टीकाकरण प्रभावित होने की आशंका दिखती है, वहां ऐसे केंद्रों से टीका समय से पहले ही पहुंचा दिया जाता है जहां पर जरूरत से ज्यादा स्टाक है।
वैक्सीन यूटिलाइजेशन रिपोर्ट (वीयूआर) की प्रतिदिन समीक्षा होती है। हर सीवीसी को प्रतिदिन फोन कर बताया जा रहा है कि कैसे रिपोर्ट को सही किया जाए। सबसे ज्यादा दिक्कत सेकंड डोज के टीकाकरण को पोर्टल पर चढ़ाने में आती है लेकिन लगातार तकनीकी सहयोग देकर व्यवस्था सुचारू हो चुकी है। इस समय सरकार का मुख्य फोकस वैक्सीन यूटिलाइजेशन रिपोर्ट (वीयूआर) पर है। इस रिपोर्ट को सही समय पर जिम्मेदारों को उपलब्ध कराने के लिए हर दिन इस काम की जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के साथ कोल्ड चेन मैनेजर समीक्षा करते हैं। इसे ठीक करने के लिए हर सीवीसी को फोन कर उसे ठीक करने के लिए बताया जा रहा है। पोर्टल पर भरने के दौरान आने वाली दिक्कतों से निपटने के लोग सुबह से ही फोन करने लगते हैं और सोने के समय तक लोग फोन कर इन समस्याओं का निस्तारण कराते रहते हैं। इसके चलते सुबह से लेकर रात 10 बजे तक इस काम में लगे रहते हैं। हालांकि यूएनडीपी के प्रोजेक्ट आफिसर डॉ आशुतोष मिश्रा समय-समय पर उन्हें तकनीकी सहयोग देते रहते हैं। लगातार सक्रियता के चलते कोविड के लक्षण दिखने की वजह से 12 से 22 अप्रैल तक वह आइसोलेट रहे और आइसोलेशन का समय पूरा होते ही अपनी पूरी जिम्मेदारी संभाल ली।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ नरेंद्र सिंह कहते हैं कि कोल्ड चेन मैनेजर अबजाद शेख जुझारू हैं और उनके अंदर एक अच्छे टीम लीडर के गुण हैं। वह खुद पूरी मेहनत करते हैं और साथियों की क्षमता का पूरा उपयोग करना जानते हैं।












