सीएमओ तथा जेडी ने माकड्रिल में परखी सीएचसी केराकत की तैयारियां निरीक्षण
-कोविड की तीसरी लहर से बचाव में स्वास्थ्यकर्मियों की जानकारी तथा मशीनों की क्रियाशीलता देखी
-दिए जरूरी निर्देश, मीडिया कर्मियों से मांगा जागरूकता फैलाने में सहयोग
जौनपुर,संकल्प सवेरा। दिन में 11.45 बज रहे थे। तभी 108 एम्बुलेंस से 10 वर्ष के मरीज को उतार कर पीपीई किट के साथ स्ट्रेचर पर दो वार्ड ब्वॉय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) केराकत के अंदर ले जाते हैं। उसे सांस लेने में दिक्कत थी, इसलिए उसे इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में भर्ती कराते हैं। मरीज को आक्सीजन कम होने पर उसे मानीटर लगाया जाता है और आक्सीजन को सेंटर लाइन से जोड़ दिया जाता है।
आक्सीजन के सामान्य फ्लो पर भी मरीज को आराम नहीं मिलता है तो दूसरी मशीन से हाई नेजन फ्लो पर आक्सीजन दी गई। उसे बाईपेप मशीन लगाई गई तब जाकर स्थिति सामान्य हुई।
ऐसा कोविड की तीसरी लहर से बचाव की तैयारियों का माकड्रिल शनिवार को हो रहा था जिसका निरीक्षण मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ लक्ष्मी सिंह तथा वाराणसी से आई संयुक्त निदेशक (जेडी) डॉ अंशू सिंह ने किया। इस दौरान वह माकड्रिल के तहत उपचार कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों से जरूरी प्रश्न भी पूछ रहीं थीं।
उन्होंने सीएचसी केराकत पहुंच कर कोविड की तीसरी लहर से बचाव में काम आने वाले सामानों, दो तरह के आक्सीजन कंसन्ट्रेटर की क्रियाशीलता, डॉक्टर, दवा और बेड की उपलब्धता, मानव संसाधन की उपलब्धता की भी परख की। दोनों तरह के आक्सीजन कंसंट्रेटर चला कर देखा।
इसके बाद वह आब्जर्वेशन रूम में गईं जिसमें ऐसे मरीज रखे जाते हैं जो कोविड पॉजिटिव तो होते हैं लेकिन उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं होती है। उनके लिए बने 20 बेड के लिए व्यवस्था की स्थिति देखी। फिर ओम्रिकान मरीजों के लिए बने 10 बेड के साथ उपलब्ध कंसन्ट्रेटर मशीनें, आक्सीजन सप्लाई की स्थिति तथा पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) वार्ड का भी निरीक्षण कर हाई कंसन्ट्रेशन मशीन और सेंटर लाइन सप्लाई के तहत आक्सीजन की उपलब्धता की स्थिति देखी।
इस दौरान वहां के प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) डॉ अजय कुमार सिंह ने उन्हें कुछ मशीनों की खासियत बताई। उन्होंने बताया कि हमारे यहां हाई प्रेशर फ्लो कैनुला मशीन है। इसका उपयोग सामान्य तौर पर आक्सीजन के न जा पाने पर प्रेशर के साथ आक्सीजन देने के लिए करते हैं। बाईपेप मशीन भी है जिसे मास्क की तरह लगाकर मरीज को आक्सीजन दिया जाता है।
पैरामानीटर ऐसी मशीन है जिससे एक साथ कई चीजों का पता चलता रहता है। यह मशीन मरीज का पल्स, रक्तचाप, हृदय की गति, तापमान, एसपीओटू बताती है और जरूरत पड़ने पर ईसीजी का भी काम लिया जा सकता है।
सीएमओ तथा जेडी ने जो कमियां दिखीं उन्हें सुधार का निर्देश दिया। साथ ही उपस्थित मीडिया बंधुओं से टीकाकरण में सहयोग करने और लोगों में जागरूकता फैलाने की अपील की। इस मौके पर एनेस्थेटिक डॉ राजेश तथा आपरेशन थियेटर टेक्नीशियन ज्योति प्रकाश भी मौजूद रहे।












