जौनपुर, संकल्प सवेरा जनपद स्तरीय राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके)/राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) की बुधवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गयी । इस दौरान हर ब्लाक के दो स्कूलों में किशोर स्वास्थ्य मंच की गतिविधि, एनीमिया मुक्त भारत के लिए ब्लॉक स्तर पर पर आशा कार्यकर्ता और एएनएम का प्रशिक्षण, साप्ताहिक आयरन फोलिक एसिड आपूर्ति, पोषण पुनर्वास केंद्र को भेजे जाने वाले अति गंभीर कुपोषित बच्चों के बारे में जानकारी ली गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में सीएमओ डॉ राकेश कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि आरबीएसके की टीम ने 35 जन्मजात विकृतियों से ग्रसित (दिल में छेद, कटे होठ-तालु, टेढ़े पैर, मूक बधिर) बच्चों की नि:शुल्क सर्जरी कराकर उनके जीवन में खुशहाली दी। आरबीएसके की टीम ने बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) के सहयोग से 15 अति गंभीर कुपोषित (सैम) बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराकर उनका सफल इलाज कराया।
जिले के 22 इंटर कालेजों में सफलतापूर्वक किशोर स्वास्थ्य मंच की गतिविधियां हुईं। जहां आरबीएसके की टीम ने किशोरियों का हीमोग्लोबिन टेस्ट किया। साथ ही उन्हें किशोरावस्था में होने वाले सामान्य रोगों के बारे में जानकारी दी। एनीमिया के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें आयरन की गोली वितरित की गई। डॉक्टरों ने खान-पान की व्यवस्था के संबंध में विस्तार से उन्हें जानकारी दी। इस संबंध में किशोरियों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके बीच क्विज, रंगोली, चार्ट आदि की प्रतियोगिताएं कराकर उन्हें पुरस्कृत किया गया।
एनीमिया मुक्त भारत के लिए आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम का ब्लाक स्तरीय प्रशिक्षण 50 प्रतिशत पूरा कर लिया गया। स्कूल न जाने वाली किशोरियों को ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी सत्र) पर आयरन की गोली दी गई। कोविड के दौरान स्कूल बंद थे। आशा कार्यकर्ता, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से उन्हें सत्र पर ही आयरन की गोली उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम में कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ राजीव कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सत्य व्रत त्रिपाठी, न्यूट्रिशन इंटरनेशनल की मंडल समन्वयक अपराजिता सिंह, डीईआईसी मैनेजर अमित कुमार गौड़, जिले के आरबीएसके के समस्त डॉक्टर, सीडीपीओ व खंड शिक्षाधिकारी मौजूद रहे।












