जातिगत आरक्षण ने हमेशा प्रतिभा को कुचला है–गुलाब सिंह
भारत में जातिवाद की समस्या और जाति की जकड़न में कराहता लोकतंत्र
आरक्षण हटाओ देश बचाओ के तहत बोले करणी सेना भारत के पूर्वांचल सचिव
संकल्प सवेरा मुंगराबादशाहपुर (जौनपुर)। क्षेत्र के गांव गोधुवां निवासी करणी सेना भारत के पूर्वांचल सचिव गुलाब सिंह (साहेब) आरक्षण हटाओ देश बचाओ के तहत प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि आरक्षण का प्रयोजन संविधान के निर्माण एवं देश की स्वतंत्रता के पश्चात सिर्फ 10 सालों के लिए था परंतु भ्रष्टाचारी नेताओं एवं सरकारों ने आरक्षण को वोट बैंक की पार्टी बनाकर देश के विकास को बाधित किया है।
जिसके कारण आरक्षण एक कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का रूप ले लिया है। श्री सिंह ने आगे कहा कि भारत देश के संविधान में समता का अधिकार दिया। हर एक भारतवासियों को परंतु आरक्षण उस अधिकार के साथ सिवाय एक भद्दे मजाक से ज्यादा कुछ भी नहीं है। आए दिन समाचार पत्रों में हिंदू-मुस्लिम वैमनस्यता के साथ-साथ सवर्ण और दलित वैमनस्यता के समाचार पढ़ने को मिलते हैं। कभी किसी भी राजनीतिक दल अथवा सरकार के प्रतिनिधियों ने इसका मूल कारण जानने की कोशिश करी और ना ही करेंगे। जातिगत आरक्षण आपसी भेदभाव को मिटाने का नहीं अपितु भेदभाव बढ़ाने का मूल मंत्र है।
जिसका इस्तेमाल राजनीतिक पार्टी अपने वोट बैंक को मजबूत करने के लिए करती है।
आगे उन्होंने कहा कि जाति प्रथा न केवल हमारे मध्य वैमनस्यता को बढ़ाती है ।बल्कि ये हमारी एकता में भी दरार पैदा करने का काम करती है। जाति प्रथा प्रत्येक मनुष्य के मस्तिष्क में बचपन से ही ऊंच-नीच, उत्कृष्टता निकृष्टता के बीज बो देती है।
अमुक जाति का सदस्य होने के नाते किसी को लाभ होता है तो किसी को हानि उठानी पड़ती है। जाति श्रम की प्रतिष्ठा की संकल्पना के विरुद्ध कार्य करती है और ये हमारी राजनीति दासता का मूल कारण रही है।
अंत में उन्होंने कहा कि यदि सरकार जातिगत आरक्षण को हटाकर आर्थिक रूप से आरक्षण नहीं जाती है। तब तक करणी सेना भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह (बीरू भैया) के नेतृत्व में आर पार लड़ाई लड़ने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।












