जौनपुर-जिले में एक कार्यक्रम के दौरान आये हुए बजट पर प्रति-क्रिया देते हुए सरदार सेना के जिलाध्यक्ष अरविन्द कुमार पटेल ने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों, किसान विरोधी कृषि बिल, जीएसटी,नोटबंदी,एफडीआई में सौ पर्सेंट की विदेशी निवेश की
अनुमति,और सरकारी नौकरियों की समाप्ति से देश के सभी प्रकार का विकास की नींव डगमगा चुकी है। शिक्षा में अत्यधिक फीस वृद्धि और पढ़ाई व ट्रेनिंग के बाद रोजगार व नौकरी की गारंटी न देना सरकार की तानाशाही व दूरदर्शिता में कमी को प्रदर्शित करता है।इस समय देश में बीटीसी,बीएड,नेट,पीएचडी,बीटेक,एमटेक,एमबीए,डिप्लोमा,आईटीआई जैसा कोर्स करके लाखों रुपये खर्च करके गरीब वर्ग के युवा बड़ी संख्या में बेरोजगारी के कतार पर खड़े हैं और घर का मुखिया पूरी तरह से परेशान है जिस देश में युवाओं का ही भविष्य अंधकार में हो और किसान सड़क पर है,मजदूर बेरोजगार बैठा है। उस देश का भविष्य भगवान भरोसे ही है। विदेशों के हर कार्य व नीतियों की नकल व शिक्षा में अनेकों प्रयोग करते करते यह सरकार देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है।ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर सिर्फ देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है किसी भी समाज का वह व्यक्ति के काम आने वाला नहीं है।देश में कितने गरीब व्यक्ति हैं कि कितने लोगों के घरों में न तो लैपटॉप है न तो कंप्यूटर है न तो ऑनलाइन शिक्षा लेने की कोई व्यवस्था है
ऐसी दशा में केंद्र सरकार की कपोल कल्पित नारे आत्मनिर्भर भारत आदि तमाम योजनायें भी बेकार साबित हुए। जो संस्थाएं लाभ में चल रही है उसी को सरकार बेचने के फिराक में है ।नया उद्योग,नई परियोजनाएं तथा कोई भी जनहित के नया काम इस सरकार द्वारा नहीं किया गया ।अब केवल कुछ उद्योगपतियों को हाथों में पूरे देश की व्यवस्था को सौंपने का काम मोदी सरकार कर रही है। अगर अब भी किसान,मजदूर, नौकरी पेशा के लोग तथा बेरोजगार युवा नहीं चेते तो वह दिन दूर नहीं जब हमें चुनी हुई सरकार के ऊपर भी एक सरकार उद्योगपतियों के आगे कटोरा लेकर दौड़ना होगा।आज देश के किसानों का दुर्भाग्य है कि हमारा देश कृषि प्रधान होने के बावजूद भी आज किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और वर्तमान सरकार को यह सब दिखाई नहीं दे रहा हैं पूरी तरह किसानों को खत्म करने में जुटी हुई है|












