बीएसए ने बच्चों की लगाई क्लास तो हिंदी भी नहीं पढ़ सके 80% बच्चे
अनुदेशक और शिक्षामित्र बिना सूचना के विद्यालय से रहे नदारद
संकल्प सवेरा जौनपुर। बीएसए डॉ गोरखनाथ पटेल ने शनिवार को जिले के तीन परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालयों में पठन-पाठन का स्तर बेहद ही खराब पाए जाने पर बीएसए ने एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक समेंत सभी स्टाफ का जुलाई महीने का वेतन रोक दिया है। जांच में
एक शिक्षामित्र व अनुदेशक अनुपस्थित मिली।
बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ गोरखनाथ पटेल ने बदलापुर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय मिरशादपुर में 11:25 बजे रेंडम चेकिंग की। इस दौरान विद्यालय में नामांकित 321 छात्र संख्या के सापेक्ष 178 बच्चे उपस्थित रहे। विद्यालय में मीनू के अनुसार एमडीएम का संचालन पाया गया । छात्रों का अधिगम स्तर संतोषजनक रहा है। विद्यालय में सफाई कर्मी के नहीं आने से काफी गंदगी पाई गई। जिस पर बीएसए ने जिला पंचायत राज अधिकारी से फोन करके मामले की शिकायत दर्ज कराई।
इसी परिसर में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान अनुदेशक सुमन यादव अनुपस्थित पाई गई।
कमरों में साफ सफाई नहीं होने से काफी गंदगी पाई गई। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जब बच्चों से अधिगम के बारे में जानकारी ली तो 80% बच्चे हिंदी ही नहीं पढ़ सके। जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक समेत सभी स्टाफ का जुलाई महीने का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया।
बक्शा विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय बड़ारी में दोपहर 12: 30 बजे निरीक्षण के दौरान शिक्षामित्र शिव कुमार प्रजापति अनुपस्थित मिले। उनका आज का मानदेय कटौती कर लिया गया है। बाकी अन्य सभी स्टाफ मौजूद रहा।
कक्षा 5 में 7 बच्चों के सापेक्ष सिर्फ तीन बच्चे ही हिन्दी पढ़ सके। छात्रों का अधिगम अस्तर काफी खराब पाए जाने पर प्रधानाध्यापक से 2 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है












