जन जन तक पहुंचायें योग – मनीष कुमार वर्मा ( जिलाधिकारी जौनपुर)
उच्चतम कोटि की चिकित्सा और साधना पद्धति है योग – मनीष कुमार वर्मा ( जिलाधिकारी जौनपुर )
नाड़ी शोधन के साथ प्राणायामों का अभ्यास नर्वस सिस्टम के लिए बेहद है लाभकारी- अचल हरीमूर्ति![]()
संकल्प सवेरा जौनपुर – अष्टम अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा द्वारा बहुत तेज कर दी गई हैं। इसके अन्तर्गत प्रतिदिन अलग अलग ऐतिहासिक स्थलों पर उनके नेतृत्व में सुबह सुबह योगाभ्यास को करते हुए आम जनमानस की सहभागिता को सुनिश्चित किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को शाही किला में योगाभ्यास में प्रतिभाग किये हुए साधकों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया की एक महाअभियान का स्वरूप देकर योग को जन जन तक पहुंचानें की आवश्यकता है
जिसमें समाज के व्यावसायिक और नौकरी पेशा वालों के साथ समाजसेवियों की महति भूमिका हो सकती है। जिलाधिकारी द्वारा बताया गया की योग हमारी प्राचीनतम सांस्कृतिक विरासत है जो उच्चतम कोटि की चिकित्सा पद्धति के साथ उच्चतम कोटि की साधना पद्धति भी है। जिसके नियमित और निरन्तर अभ्यासों को करके व्यक्ति अपने स्वास्थ्य को सर्वोत्तम बना सकता है।
पतंजलि योग समिति के प्रान्तीय सह प्रभारी अचल हरीमूर्ति और योगाचार्य विकास योगी के द्वारा योग के क्रियात्मक और सैद्धांतिक पक्षों का प्रशिक्षण देते हुए बताया गया की मानव के सर्वोत्तम स्वास्थ्य के लिए योग एक प्राकृतिक वरदान है। नाड़ी शोधन के साथ जब भी भ्रामरी और उद्गगीथ प्राणायामों का अभ्यास किया जाता है तब शरीर के भीतर लाखों नस और नाड़ियों की बेहतर सफाई होती है जिसके परिणामस्वरूप सम्पूर्ण शरीर में रक्त और प्राणवायु का प्रवाह बहुत ही सुगमतापूर्वक होनें लगता है।












