रिर्पोट जेड हुसैन
जौनपुर। जनपद में निजी ब्लड बैंक के संचालन में कई खामियां उजागर हुई है। इसका ख्ुालासा उस समय हुआ जब वाराणसी से आयी टीम ने नगर स्थित कृष्णा हार्ट केअर एंड मैटर्निटी होम का औचक निरीक्षण किया। कई खामियां पाये जाने पर उसके संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गयी। एक तरफ औषधि निरीक्षक कहते हैं कि इस ब्लड बैंक का विगत एक वर्ष में तीन निरीक्षण किया गया है।
इसके बावजूद ड्रग के नियमों के अनुसार अपेक्षित सुधार न किए जाने पर उक्त कार्यवाही की गयी और इसकी सूचना मुख्यालय लखनऊ भेज दी गयी है। अब प्रश्न उठता है कि किसी ब्लड बैंक का तीन-तीन बार निरीक्षण किया गया और उसमें सुधार क्यों नहीं आ सका? जानकार लोगों का कहना है कि जनपद में अन्य तीन और ब्लड बैंक का संचालन हो रहा है वहां की क्या स्थिति होगी? खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन वाराणसी की टीम क्या एक ही ब्लड बैंक का निरीक्षण करने आयी थी और अन्य ब्लड बैंकों की क्या स्थिति है यह तो आने वाला समय बतायेगा। जबकि नियमत: लाइसेंस के नियमों व शर्तों के विरूद्घ रक्त संग्रहण, टेस्टिंग व वितरण किया जा रहा है।
जनहित में मानवीय नुकसान से बचाने तथा उच्च गुणवत्तायुक्त रक्त मरीजों को उपलब्ध कराना यह शासन का निर्देश है। इसके बावजूद ब्लड बैंक संचालकों द्वारा विधि विरूद्घ संचालन हो रहा है और जांच टीम कभी-कभार पहुंचकर कागजपूर्ति कर रही है। शासन का निर्देश जहां गुणवत्तायुक्त खून उपलब्ध कराना है वहीं पर इन ब्लड बैंकों द्वारा मानव जीवन के साथ महज पैसों के लिए खिलवाड़ किया जा रहा है।
जिले में स्वास्थ्य विभाग और निरीक्षणकर्ताओं की कतार होने के बावजूद उनके नाक के नीचे यह सब हो रहा है। यही स्थिति रही तो रक्तदान करने वाले भी एक बार सोचने के लिए मजमबूर होंगे।












