भाजयुमो ने आपातकाल को काला दिवस के रूप में मनाया, युवा मोर्चा ने शूरवीरो की किया सम्मानित
देश में विदेशी आक्रमण, आर्थिक संकट तथा सशस्त्र विद्रोह पर ही आपातकाल लगाने का प्रावधान है: विकास श्रीवास्तव![]()
संकल्प सवेरा। भाजयुमो ने 1975 में लगाए गए आपातकाल को काला दिवस के रूप में मनाते हुए लोकतंत्र बहाली के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को याद किया। नव निर्मित पार्टी कार्यालय में भाजयुमो के जिलाध्यक्ष दिव्यांशु सिंह के अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने आपातकाल को देश लिए काला दिवस बताया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष विकास श्रीवास्तव एव विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सुभारम्भ पार्टी के पुरोधा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी एव पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्वलित कर की। उपस्थित जन समूह को सम्बोधित करते हुये मुख्य अतिथि विकास श्रीवास्तव ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री ने तानाशाह पूर्ण रवैया अपनाकर अपनी स्वार्थ पूर्ति के लिए देश के लोकतंत्र को खतरे में डाला। देश में विदेशी आक्रमण, आर्थिक संकट तथा सशस्त्र विद्रोह पर ही आपातकाल लगाने का प्रावधान है। परन्तु तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाकर करीब दो साल तक लोकतंत्र को बंधक बनाकर रखा। प्रेस को सेंसर कर दिया गया था, विपक्ष के सभी बड़े नेताओं को गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया गया था। इस दिवस को पार्टी काला दिवस के रूप में मना रही है।
पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि 12 जून, 1975 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जगमोहन लाल सिन्हा ने इंदिरा गांधी का चुनाव निरस्त कर उन पर छह साल तक चुनाव न लड़ने का प्रतिबंध लगा दिया। और श्रीमती गांधी के चिर प्रतिद्वंदी राजनारायण सिंह को चुनाव में विजयी घोषित कर दिया। परन्तु इन्दिरा गांधी ने अदालत के इस निर्णय को मानने से इनकार करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने की घोषणा की और 26 जून को आपातकाल लागू करने की घोषणा कर दी
जिलाध्यक्ष दिव्यांशु सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उस काले दौर में जेल-यातनाओं की दहला देने वाली कहानियां भरी पड़ी हैं। देश के जितने भी बड़े नेता थे, सभी के सभी सलाखों के पीछे डाल दिए गए। एक तरह से जेलें राजनीतिक पाठशाला बन गईं। बड़े नेताओं के साथ जेल में युवा नेताओं को बहुत कुछ सीखने-समझने का मौका मिला।
इस संगोष्ठी में लोकतंत्र सेनानी भईया लाल पटेल नंदलाल विश्वकर्मा को अंगवस्त्रव दे कर उनका सम्मान किया गया।
इस अवसर पर मछ्ली शहर के जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा अखिल प्रताप सिंह जौनपुर जिला महामंत्री ऋषिकेश श्रीवास्तव, विकास ओझा, जिला उपाध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह टोनी, अजय यादव, सचिन तिवारी, शशांक सानू, जिला मंत्री ज्ञानचंद्र यादव, दैविक कौशिक, विजय कश्यप, हरिओम, कपिल सिंह, नीरज मौर्या, शिवम राय, आयुष अस्थाना, अंकित सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।












