भोजपुरी सिनेमा को दिलाई पहचान— बृजेश त्रिपाठी
“भोजपुरी कलाकारों ने त्रिलोचन महादेव मंदिर में टेका मत्था”
जलालपुर,संकल्प सवेरा—क्षेत्र के त्रिलोचन महादेव स्थित प्राचीन व ऐतिहासिक शिव मंदिर में चल रही भोजपुरी फिल्म साक्षी शंकर के शुटींग के लिए आऐ भोजपुरी फिल्मों के गौडफादर कहे जाने वाले अभिनेता बृजेश त्रिपाठी,भोजपुरी स्टार गायक से नायक बने रितेश पाण्डेय,क्षेत्रिय भोजपुरी कलाकार चन्दन सेठ,अभिनेत्री भानु पाण्डेय ने त्रिलोचन महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन कर मत्था टेका।आप को बताते चले कि भोजपुरी सिनेमा के शुरुआती दौर से जुड़े कलाकारों की जब भी बात आती है,
तो उन में सब से ऊपर एक ही नाम आता है और वे हैं भोजपुरी के सब से सीनियर कलाकार बृजेश त्रिपाठी।वे भोजपुरी सिनेमा से उस दौर से जुड़े हुए हैं,जब भोजपुरी में गिनीचुनी फिल्में ही बनती थीं।भोजपुरी सिनेमा के उस दौर से लेकर आज तक बृजेश त्रिपाठी ने सैकड़ों फिल्मों में काम कर के चरित्र कलाकार और खलनायक के रूप में अपनी अलग ही पहचान बनाई है।उन के बिना भोजपुरी की फिल्में अधूरी सी लगती हैं।‘भोजपुरी के गौडफादर’ कहे जाने वाले बृजेश त्रिपाठी ने प्रेसवार्ता में बताया कि अपने फिल्मी कैरियर की शुरुआत 11 सितंबर, 1978 को हिंदी फिल्म ‘टैक्सी चोर’ से की थी, जिस में लीड रोल में मिथुन चक्रवती थे और हीरोइन थीं जरीना वहाब।यह फिल्म साल 1980 में 29 अगस्त को रिलीज की गई थी।इस फिल्म में उन के रोल को इतना ज्यादा पसंद किया गया था कि उन्हें इस के बाद राज बब्बर के साथ दूसरी फिल्म में काम करने का मौका मिल गया था।
जिस का नाम था ‘पांचवीं मंजिल’। इस फिल्म में भी जरीना वहाब ही हीरोइन थीं।उन्होने बताया इस के बाद तो मैं सिनेमा का हो कर रह गए।इस दौरान उन्हें हिंदी के धारावाहिकों और फिल्मों में काम करने का मौका मिला।लेकिन उन की सही पहचान भोजपुरी फिल्मों से हुई।उन दिनों पद्मा खन्ना भोजपुरी की बहुत बड़ी हीरोइन हुआ करती थीं।
उन के सैक्रेटरी शुभकरण अग्रवाल बृजेश त्रिपाठी के बहुत अच्छे दोस्त थे।इनकी प्रमुख फिल्में-देवरा बड़ा सतावेला,मैं नागिन तू नगीना,ट्रक ड्राइवर,जीना तेरी गली में,छोरा गंगा किनारे वाला,शंहशाह,दुलारा,दुल्हन चाही पाकिस्तान से समेंत सैकड़ो सुपर हिट हिन्दी व भोजपुरी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके हैं।क्षेत्रिय भोजपुरी कलाकार चन्दन सेठ ने कलाकारों को अगवस्त्रम् देकर सम्मानित किया।इस अवसर पर त्रिलोचन मंदिर के प्रबंधक मुरलीधर गिरि,विनय वर्मा,रामचन्दर सिंह,सोनू गिरि,संजय गिरि,संदीप अग्रहरी,समेत सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।












